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Need To Stop Encroachment Of Indian Borders By China. on 1 December, 2009

Lok Sabha Debates
Need To Stop Encroachment Of Indian Borders By China. on 1 December, 2009


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Title: Need to stop encroachment of Indian borders by China.

योगी आदित्यनाथ (गोरखपुर):  महोदया, चीन के द्वारा लगातार जिस प्रकार से भारतीय सीमा का अतिक्रमण हो रहा है, वह एक प्रकार से भारत की सप्रभुता को चुनौती है। भारत को हर प्रकार से अस्थिर करने की रणनीति के तहत जहां चीन कार्य कर रहा है, वहीं बाह्य रूप से देश को घेरने के लिए भी भारत के पड़ोसी देशों के साथ मिलकर जिस प्रकार की रणनीति के साथ चीन कार्य कर रहा है, वह अत्यंत गंभीर है। चीन की हर उद्दण्ड हरकत पर भारत सरकार का मौन इस देश की सप्रभुता पर बहुत सारे प्रश्नचिन्ह लगाता है।

          अभी कल ही एक समाचार सुनने को मिला कि नरेगा के तहत भारतीय सीमा के अंदर लद्दाख में लेह में सड़क निर्माण कार्य हो रहा था, उस पर चीन ने आपत्ति की और वह कार्य बंद कर दिया गया है।

अध्यक्ष महोदया: माननीय सांसद से मैं कहना चाहूंगी कि यह एक संवेदनशील विषय है। आप इस संवेदनशीलता को ध्यान में रख कर अपनी अभिव्यक्ति इस रूप में करें कि इसकी संवेदनशीलता पर कोई असर न पड़े।

योगी आदित्यनाथ : महोदया, राष्ट्रीय सप्रभुत्ता से बढ़ कर कोई संवेदनशीलता नहीं है। 

अध्यक्ष महोदया: अब आप इस पर मेरे साथ बहस न करें। आप खुद समझ गए हैं कि मैंने क्या कहा है। राष्ट्रीय सप्रभुत्ता सर्वोपरि है, लेकिन और भी चीजें संवेदनशील होती हैं। इसलिए आप उन्हें ध्यान में रखते हुए अपनी अभिव्यक्ति करें। इसे ध्यान में रखिए।

योगी आदित्यनाथ : महोदया, उन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही मैं अपनी बात कह रहा हूं कि आखिर हम लोग अपनी सहिष्णुता को और संवेदनशीलता को कब तक बनाए रखें।

अध्यक्ष महोदया: मेरी बात पर प्रश्न चिन्ह न लगाएं। आप सिर्फ इस विषय पर अपनी बात कहें।  

योगी आदित्यनाथ : महोदया, मैं आपके माध्यम से सरकार को कहना चाहता हूं कि दो माह पूर्व चीन ने उसी क्षेत्र में अतिक्रमण किया था। भारतीय सीमा के अंदर उसने पेंट से चीनी भाषा में लिखे होर्डिंग लगाए थे। प्रधान मंत्री जी की अरुणाचल प्रदेश की यात्रा पर भी चीन द्वारा विरोध दर्ज कराया गया था। यही नहीं, आज भारत के अंदर तमाम प्रकार की अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ाने में चीन की भूमिका सामने आई है। इन सबके बावजूद हम लोग चीन की हर हरकत को मौन बनकर, केवल आपसी सम्बन्धों को ध्यान में रखने की बात बोलकर चुप हो जाएं, मुझे लगता है कि हम देश के साथ अन्याय कर रहे हैं और लगता है कि हम उन कठिनाइयों को नजरअंदाज कर रहे हैं तथा देश की जनता की आंखों में धूल झोंकने का कार्य कर रहे हैं। चीन के द्वारा इस प्रकार लगातार जो हरकतें प्रारम्भ की गई हैं, उनमें सीमा के अतिक्रमण के मुद्दे को हमने देखा ही है। इसी तरह लद्दाख में लेह के अंदर, अरुणाचल प्रदेश के अंदर और अन्य क्षेत्रो में उसके द्वारा जो कार्य किए जा रहे हैं, उन परिस्थितियों में मैं आपके माध्यम से अनुरोध करना चाहूंगा कि भारत सरकार इन सब बातों को गम्भीरता से ले।

          चीन लगातार जिस तरह की हरकतें कर रहा है, वह राष्ट्र की सप्रभुत्ता के लिए एक चुनौती है। मुझे लगता है कि भारत सरकार को इसमें…  * बनने के बजाए राष्ट्रीय स्वाभिमान और राष्ट्रीय सप्रभुत्ता के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय सप्रभुत्ता के सामने सारी बातें तुच्छ हैं। इसलिए मैं आपके माध्यम से अनुरोध करूंगा कि भारत सरकार इसे गम्भीरता से ले। चीन की ये हरकतें केवल यहीं तक सीमित नहीं हैं, पिछले दिनों बांग्लादेश ने भी यह काम किया था। इसलिए भारत सरकार इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए कड़ाई से कदम उठाए।

अध्यक्ष महोदया:

श्री अर्जुन राम मेघवाल,

श्री उदय सिंह,

श्री निशि कांत दुबे एवम्

श्री राजेन्द्र अग्रवाल भी अपने को, योगी आदित्यनाथ जी ने जो विषय अभी उटाया है, उसके साथ सम्बद्ध करते हैं।

  * Not recorded as ordered by the Chair.

श्री रघुवीर सिंह मीणा (उदयपुर): क्या यह शब्द असंसदीय नहीं है?

अध्यक्ष महोदया: इस शब्द को कार्यवाही से हटा दिया जाए।