>
Title: Non reduction in prices of petroleum products commensurate with fall in crude oil prices and decision of transporters to go on strike from 20th December.
श्री रामजीलाल सुमन (फ़िरोज़ाबाद) : उपाध्यक्ष महोदय, जुलाई के महीने में अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का दाम बढ़ गया था। सरकार जब भी पेट्रोलियम उत्पादों पर पैसे बढ़ाती है, तो उसका एक ही आधार होता है कि अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल का दाम बढ़ गया है। लिहाजा हमारी मजबूरी है कि हम डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ाएं।
मैं आपकी मार्फत सरकार से विनम्र आग्रह करना चाहूंगा कि इस संबंध में कोई दीर्घकालीन योजना बनानी चाहिए, जिससे हम अपने पैरों पर खड़े हो सकें। अन्तर्राष्ट्रीय बाजार पर जो हमारी निर्भरता है, यह निश्चित रूप से आगे आने वाले समय में और संकट पैदा करेगी।
महोदय, जुलाई के महीने में अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल, कच्चे तेल का दाम 147 डॉलर प्रति बैरल हो गया था और आज 42 डॉलर प्रति बैरल है। अभी सरकार ने पेट्रोल पर 5 रुपए और डीजल पर केवल 2 रुपए प्रति लीटर घटाए हैं।
अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में 100 डॉलर से ज्यादा कमी हुई है। इसके बावजूद सरकार ने नहीं के बराबर पैसे घटाए हैं। रसोई गैस पर पैसे घटाए नहीं हैं। यह बहुत गम्भीर मामला है। डीजल का भारतीय समाज से बहुत गहन रिश्ता है। इसलिए डीजल के भाव कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर कम होने चाहिए। जिस तरह से अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दाम गिरे हैं, उन्हें देखते हुए डीजल के दाम देश में कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर कम होने चाहिए, लेकिन सरकार ने 2 रुपए कम किए हैं।
महोदय, सरकार को कंपनियों के हितों की ज्यादा चिन्ता है। उसे उपभोक्ता के हितों की चिन्ता नहीं है। इसलिए मेरा आपके मार्फत सरकार से आग्रह है कि सरकार डीजल के दामों में कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करे। यह किसान का सवाल है, गरीब का सवाल है और निश्चिति रूप से इससे उपभोक्ता पर अत्यधिक भार पड़ रहा है। इसलिए किसी भी कीमत पर यह न्यायसंगत नहीं है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप कृपया अपनी-अपनी सीटों पर बैठिए। जो भी माननीय सदस्य इस विषय से अपने आपको एसोसिएट करना चाहता है, वह कृपया शीघ्र टेबल पर स्लिप भेज दें। आप सबको एसोसिएट कर दिया जाएगा।
श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : उपाध्यक्ष महोदय, यह पूरे देश के किसानों का सवाल है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : श्री जे.एम. आरन रशीद, श्री सुरेन्द्र प्रकाश गोयल, श्री बिक्रम केशरी देव, डॉ. प्रसन्न कुमार पाटसाणी, श्री बच्ची सिंह रावत ‘बचदा’, श्री रासा सिंह रावत, श्री गिरधारी लाल भार्गव, श्री भंवर सिंह डांगावास, श्री मुन्शी राम एवं श्री सुनील खान को श्री रामजी लाल सुमन के विषय से एसोसिएट करने की अनुमति दी जाती है। [r6]
…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : आप मेरी बात सुनिये। देवेन्द्र प्रसाद जी, आप देखिये। मैंने कोई नई लिस्ट तो नहीं बनाई। मैं कहना नहीं चाहता था, लेकिन आपका नाम मैंने इसके नैक्स्ट, पांच नम्बर पर रखा हुआ है, अगर आपको फिर भी मेरे ऊपर एतबार नहीं तो मैं इसका क्या इलाज कर सकता हूं। आप बैठ जायें, जब आपकी टर्न आएगी तो मैं मौका दूंगा।
…( व्यवधान)
श्री रामजीलाल सुमन : हमारी भावनाओं को पैट्रोलियम मंत्री तक पहुंचाया जाये। यह गरीबों और किसानों से सम्बन्धित मामला है।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : इस वक्त मिनिस्टर साहब तो हैं नहीं।
…( व्यवधान)
श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव : सरकार इस पर रैस्पोंड करे।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: The hon. Minister is on her legs.
ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री तथा संसदीय कार्य मंत्रालय में राज्य मंत्री (श्रीमती सूर्यकान्ता पाटील): हम आपकी भावनाओं को सरकार तक पहुंचा देंगे।…( व्यवधान)