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Observance Of World Disabled Day. on 4 December, 2006

Lok Sabha Debates
Observance Of World Disabled Day. on 4 December, 2006


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Title: Observance of World Disabled Day.

श्री शैलेन्द्र कुमार : प्रति वर्ष की भांति हमेशा यह कहा जाता है कि विकलांगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाए। २००१ की जनगणनाके अनुसार देश में लगभग सवा दो करोड़ विकलांग हैं जो द्ृष्टि- विहीन और वाणीबाधित सहित विकलांग हैं। ऐसे ७५ परसेंट लोग गांवों में रहते हैं। उनको ऊपर उठाने के लिए वभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सहायता देने की घोषणा की जाती है। आज उनकी पुन: समीक्षा करने की आवश्यकता है। …(व्यवधान)  सरकार उनकी सहायता करने की हमेशा घोषणा करती है लेकिन आज भी उनका शोषण हो रहा है। बिना विकलांग सर्टफिकेट के उनको कोई मदद नहीं मिलती है। …(व्यवधान)  केन्द्र सरकार इस पर अमल करने का निर्देश देती है लेकिन बिना पैसे के उनका विकलांग सर्टिफकेट नहीं बनता है। केन्द्र सरकार हमेशा कहती है कि राज्य सरकारें बेहतर कदम उठाए और इसके बारे में अपील भी करती है लेकिन उनकी कोई मदद नहीं होती है।…(व्यवधान)  सरकार यह भी कहती है कि समाज अपनी जिम्मेदारी पूरी करे और उनकी सहायता के लिए आगे आए। १९८२ में संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव पारित हुआ था। …(व्यवधान)  जिस में कहा गया कि उनके पुनर्वास के लिए कार्यक्रम सुनिश्चित किए जाएं। इसी कारण प्रति वर्ष ३ दिसम्बर को विकलांग दिवस मनाया जाता है। …(व्यवधान)  आज भी इस पर

·       Not recorded

·       अमल नहीं हुआ है। उनके लिए समय-समय पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति १९८६, नेशनल ट्रस्ट एक्ट १९९५, कार्य योजना १९९२, भारतीय पुनर्वास परिषद अधनियम १९९२, निशक्त जन अधनियम १९९५, राष्ट्रीय विकलांग नीति २००५ बनीं लेकिन इनका ठीक से अमल नहीं हुआ। …(व्यवधान)  मैं सरकार से कहना चाहूंगा कि पूरे देश में विकलांगों के लिए रोजगारपरक शिक्षा की व्यवस्था हो, उनको पुनर्वास योजना का लाभ मिले और आरक्षण सुनिश्चित करके नौकरी दी जाए। …(व्यवधान)  जो भी लाभकारी योजनाएं हैं, उनके माध्यम से उन्हें सही तरीके से मदद मिले। इसके साथ-साथ एएमए द्वारा समय-समय पर परीक्षण होना चाहिए ताकि उनकी मदद हो सके।

MR. SPEAKER: Prof. Mahadeorao Shiwankar — not present.

                              Shri B. Mahtab.

… (Interruptions)