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Title : Problems being faced by farmers due to acquisition of land for setting up industries and development.
डॉ. करण सिंह यादव : सभापति महोदय, औद्योगिकरण एवं विकास के नाम पर किसानों की बहुत कीमती जमीन अधिग्रहण करने का सरकारों एवं औद्योगिक घरानों द्वारा काम किया जाता रहा है। मेरे क्षेत्र से सटे कोटपूतली क्षेत्र में एशिया का सबसे बड़ा सीमेंट प्लांट लगने जा रहा है। बिरला समूह के अंतर्गत ग्रासिम इंडस्ट्री ने कोटपूतली के आसपास लगभग दो हजार बीघा जमीन सरकार की सहायता से अधिग्रहित करने की मांग की है। इस क्षेत्र के मोहनपुरा, जोधपुरा, कुजोता, महरुमपुरा, राजपुर, कंवरपुरा, गोरधनपुरा ऐसे ग्राम हैं, जो घनी आबादी के हैं। इनमें अच्छी मात्रा में पानी है, बहुत अच्छी उपजाऊ जमीन है और घनी बस्ती है। सरकार के दबाव ये व्यापारी इन किसानों को बेरोजगार और बेघरबार करना चाहते हैं। ये वहां पूरे के पूरे गांव उजाड़ कर फैक्ट्री लगाना चाहते हैं।
महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान इस तरफ दिलाना चाहता हूं कि जब भी कोई बड़ी फैक्ट्री या इंडस्ट्री खोली जाए तो कम से कम उपजाऊ जमीन पर ऐसा न किया जाए, किसानों को बेघरबार न किया जाए। उसी क्षेत्र के आसपास जो बंजर एवं अनउपजाऊ जमीन पड़ी है, वहां फैक्ट्री के लिए जमीन नहीं मांग रहे, लेकिन किसानों को उजाड़ने का काम बिरला समूह के दबाव में ग्रासिम इंडस्ट्री के लिए केन्द्र सरकार की आंख के नीचे राजस्थान सरकार कर रही है, आप इस तरफ ध्यान दें, वरना किसान बेघरबार एवं बेरोजगार हो जाएंगे, यह बात मैं आपके माध्यम से सरकार से कहना चाहता हूं।