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Title: Problems being faced by Gaud, Gauda and Kharwar castes of Uttar Pradesh.
श्री राधे मोहन सिंह (ग़ाज़ीपुर): माननीय सभापति जी, आपने एक अति महत्वपूर्ण विषय पर मुझे बोलने का जो मौका दिया है, इसके लिए मैं आपका आभारी हूं। मैं आपके संरक्षण के साथ-साथ सदन का भी ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूं कि उत्तर प्रदेश में जिस तरह से सांवैधानिक मर्यादाओं का उल्लंघन हो रहा है, वह संघीय ढांचे में किसी भी रूप में अच्छे संकेत नहीं हैं।
महोदय, 1950 में गौंड जाति को क्षेत्रीय प्रतिबन्ध के साथ, अनुसूचित जाति में शामिल किया गया था। क्षेत्रीय प्रतिबन्ध में मिर्जापुर के दक्षिण, वर्तमान में जो सोनभद्र का क्षेत्र है, कैमूर घाटी से लेकर जो गौंड जाति के वहां रहने वाले लोग थे, उन्हें अनूसूचित जाति में शामिल किया गया। पुनः भारत सरकार अधिनियम संख्या-108/1976, जो अनुसूचित जातियां/अनुसूचित जनजातियां संशोधन अधिनियम कहलाता है। इसके तहत एरिया रिस्ट्रक्शन को समाप्त कर दिया गया। संपूर्ण उत्तर प्रदेश में रहने वाली गौंड जाति को अनुसूचित जाति में शामिल कर लिया गया। इसके तहत नौकरी में आरक्षण, चुनाव में आरक्षण और जाति प्रमाणपत्र आदि अनुसूचित जातियों की जो भी सुविधाएं मिलती थीं, वे गौंड जाति को उत्तर प्रदेश में मिलने लगीं।
भारत सरकार ने पुनः एक अधिनियम-10/2003 दिनांक 7 जनवरी, 2003 को पारित किया जिसका नाम अनुसूचित जातियां/एस.टी.आदेश संशोधन अधिनियम 2002 है। इसके तहत उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के 13 जनपदों, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर और सोनभद्र से गौंड जाति को अनुसूचित जाति की सूची से निकाल कर अनुसूचित जनजाति की सूची में डाल दिया गया।
उपरोक्त आदेश उ.प्र. में माननीय मुलायम सिंह यादव जी की सरकार, अर्थात्, 2003 में, आदेश संख्या-1483, 30 सितम्बर, 2003 से लागू किया गया। इसके बाद एस.टी. की सभी सुविधाएं उत्तर प्रदेश के 13 जनपदों में मिलने लगीं। वर्तमान में तत्कालीन सरकार 2007 में जब से आई है, तब से उत्तर प्रदेश में गौंड जाति के लोगों को, हर जनपद में, जिस मिर्जापुर को इस संविधान की संघीय व्यवस्था की गई थी वहां के सांसद बाल कुमार पटेल जी हैं। वह बता रहे हैं कि मिर्जापुर के अंदर भी गौंड जाति को अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति में शामिल नहीं किया गया। यह कानून का कितना बड़ा उल्लंघन है और गौंड जाति के लोगों ने गाजीपुर से लेकर पूर्वांचल के अन्य जिलों में धरना और प्रदर्शन किए। कई जेल भरो आन्दोलन भी हुए, उनमें हम लोग भी धरने पर बैठे, जेल तो नहीं गए। वहां के तहसीलदार कतवारू राम जी इस स्थिति में हैं, वे कहते हैं कि गोंड जाति कहां है, खरवार कहां हैं। उनको इस बारे में जानकारी नहीं है।
माननीय सभापति महोदय, मैं इस सदन में आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से जानना चाहता हूं कि गोंड और खरवार जाति की बात यहां हो रही है, ये जनजाति में पैदा होते हैं और जनजाति की हालत इस समय यह है कि उनका एस.सी. से भी बहुत बुरा हाल है। उनके पास रहने के लिए छत नहीं है, उनके पास मढ़ई नहीं है, उनके पास झोंपड़ी नहीं है, इसलिए उनकी अवहेलना हो रही है, क्योंकि गोंड और खरवार जाति उत्तर प्रदेश के कुछ ही जनपदों में पाई जाती हैं, जिनकी संख्या कम होती है। संख्या के आधार पर क्या उन गरीबों को न्याय नहीं मिल सकता है, इससे क्या उनकी आवश्यकताएं कम हो जाती हैं, उनके लिए सरकार क्या उपाय कर रही है?
मैं इस सदन में आपके माध्यम से माननीय मंत्री जी से जवाब चाहता हूं कि जो गोंड और खरवार जाति के बच्चे नौकरियों में लगे हुए थे, उनको प्रमाण-पत्र के अभाव में नौकरियों से बाहर किया गया, इसके लिए सरकार क्या करेगी? इस तरह का जो अमानवीय कृत्य उत्तर प्रदेश में हो रहा है, मैं दारा सिंह चौहान जी से पूछना चाहता हूं, जो उत्तर प्रदेश से सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर यहां आये हैं, यहां पर लाभ और नुकसान की बात मैं नहीं कर रहा हूं, मैं यह कह रहा हूं कि गोंड जाति को जब 1977 से लेकर 2003 तक सारी सुविधाएं मिली हुई थीं तो आज किन परिस्थितियों में आपके अधिकारी उनकी बातों की अवहेलना करते हैं। अगर इस सदन में इस बात को…( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN: Kindly wind up.
श्री दारा सिंह चौहान (घोसी): इन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार पर जो आरोप लगाया है, वह निराधार है। उत्तर प्रदेश अकेला ऐसा राज्य है, जहां उत्तर प्रदेश की जनजाति की बेहतरी के लिए उनको सारी सुविधाएं दी जा रही हैं। जिस जाति को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं था, उनको भी वहां उसमें शामिल कर दिया गया है। …( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN: Please wind up. Nothing will go on record.
(Interruptions) …*
MR. CHAIRMAN: Nothing is going on record.
(Interruptions) …*
MR. CHAIRMAN: Please do not waste the time of the House. Please sit down. Nothing is going on record. Shri Radhe Mohan Singh, please sit down. Nothing is going on record. I have called the next speaker.
(Interruptions) …*
MR. CHAIRMAN: Do not waste the time of the House. Nothing is going on record.
(Interruptions) …*
16.00 hrs.