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12.44 hrs.
(iii) Re: The Resentment due to closure of the regional office of Allahabad Bank at Darbhanga and its merger with
the regional office of the Bank at Muzzaffarpur, Bihar
Title: Public resentment due to merger of Regional Office of Allahabad Bank, Darbhanga with the regional office of the Bank at Muzaffarpur, Bihar.
(झंझारपुर) : अध्यक्ष महोदय, मैं लोक महत्व के महत्वपूर्ण विषय की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट करना चाहता हूँ। भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाके से ५० किलोमीटर भीतर दरभंगा परिमंडल उत्तर बिहार की कमिश्नरी है। यह सबसे प्रमुख केन्द्र है जहां १५ वर्षों से इलाहाबाद बैंक क्षेत्रीय कार्यालय कार्य कर रहा है। इस कार्यालय के क्षेत्राधिकार में ११ जिले हैं। ११ जिलों में से आठ जिलों में बैंक शाखाएं कार्यरत हैं और तीन जिलों में बैंक शाखाएं खोलने से संबंधित रिपोर्ट वर्षों से इलाहाबाद बैंक के मुख्यालय में है।
अध्यक्ष महोदय, इलाहाबद बैंक प्रबन्धन ने अचानक दरभंगा क्षेत्रीय कार्यालय को बन्द कर, उसे मुजफ्फरपुर क्षेत्रीय कार्यालय में विलय करने का निर्णय लिया है।
महोदय, मैं इसका इसलिए उल्लेख कर रहा हूं कि यह विषय बहुत गम्भीर है क्योंकि दरभंगा शहर एक तो उत्तर बिहार का सबसे बड़ा व्यापारिक, आर्थिक एवं राजनीतिक द्ृष्टिकोण से, मथिलांचल का प्रमुख स्थान है, प्रमुख केन्द्र है। वहां पंजाब नैशनल बैंक, सेंट्रल बैंक और बैंक आफ इंडिया भी अपने-अपने क्षेत्रीय कार्यालय खोलकर काम कर रहे हैं, लेकिन इलाहाबाद बैंक ने अचानक अपना क्षेत्रीय कार्यालय बन्द कर दिया है। दरभंगा शहर ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ा हुआ मधुबनी से किशनगंज तक का सारा क्षेत्र, लगभग फैला हुआ है। बैंकिंग क्रिया-कलाप की द्ृष्टि से वह इतना बड़ा क्षेत्र है, जहां बैंक की शाखाएं खोलकर, बैंक का लाभ बढ़ाया जा सकता है। अत: मैं माननीय वित्त मंत्री जी से निवेदन करना चाहता हूं कि मुजफ्फरपुर में इलाहाबाद बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से विकास की द्ृष्टि से तथा नए विशाल क्षेत्र सीवान से किशनगंज तक, लगभग ७५० किलोमीटर दूरी तक की देखभाल करना, बैंक के लिए सरल नहीं होगा, सहज नहीं होगा। दरभंगा क्षेत्रीय कार्यालय के अन्तर्गत पड़ने वाले क्षेत्र का दरभंगा केन्द्र है। अत: मैं आपके माध्यम से वित्त मंत्री जी से मांग करता हूं कि इलाहाबाद बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय, दरभंगा को यथावत्् रखा जाए, पूर्ववत् ही रहने देने का निर्णय सरकार ले, वित्त मंत्री जी लें।
(SHRI P. CHIDAMBARAM): Sir, let the hon. Member give me a copy of the statement. I will look into it.
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