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Title: Regarding alleged saffronisation of education in Rajasthan.
श्री रघुनाथ झा : सभापति महोदय, राजस्थान राज्य में वहां के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जिस तरह शिक्षा का भगवाकरण शुरु किया है, उससे पूरा देश चिन्तित है। अब इतिहास में अकबर महान् नहीं कहे जायेंगे, महाराणा प्रताप महान् होंगे। इसी तरह इतिहास में जो महापुरुष रहे और जिन्होंने देश की आजादी के लिये अपनी कुरबानी दी, वे भी नहीं दिखाई देंगे। सामाजिक शास्त्र के विभाग में अब पं. दीनदयाल उपाध्याय, गोलवालकर और आर.एस.एस. के वर्तमान सरसंघचालक की विचारधारा की पढ़ाई अगले जुलाई सत्र सेशुरु होने वाली है। राजस्थान की कई पत्रिकाओं और देश की पत्रिकाओं में इस तरह की बातें आई हैं।
मैं सरकार से मांग करना चाहता हूं और अनुरोध करूंगा कि सरकार, विशेषकर मानव संसाधन विभाग इसे देखे कि देश का इतिहास न पलटा जाये। कांग्रेस के जिन नेताओं ने देश के लिये कुरबानी दी, उनके नाम भी मिटाये जा रहे हैं। देश की आजादी की लड़ाई में, उसके इतिहास में न आर.एस.एस. और न बी.जे.पी. के किसी नेता की हिस्सेदारी रही है, लेकिन उनके नाम जोड़े जा रहे हैं। इसलिये सरकार को इस ओर देखना चाहिये अन्यथा इस देश में दूसरे तरह के विवाद पैदा हो जायेंगे।
श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव (झंझारपुर) : सभापति जी, यह विषय इतना गम्भीर है और इतिहास भारत की धरोहर है। इसलिये इतिहास के घटनाक्रम में…( व्यवधान)
सभापति महोदय : आप भी इस मामले में एसोसिएट करना चाहते हैं?
श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव : सभापति महोदय, मैं भी स्वयं को इस मामले से सम्बद्ध करता हूं।