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Title: Regarding arrest of the Chairman of Polaris software by Indonesian authorities.
(वदिशा): माननीय अध्यक्ष महोदय, पोलारिस के चेयरमैन और उनके एक साथी को पिछले दिनों इंडोनेशिया में गिरफ्तार किया गया। यह सवाल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का नहीं है। वह अर्थ गृह बैंक जो इंडोनेशिया का है, वहां उनको बुलाया गया और फिर पुलिस को सौंप दिया गया। अगर कोई व्यावसायिक विवाद है तो भी दूसरे देश के नागरिक के साथ यह बर्ताव नहीं किया जा सकता। यह एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का सवाल नहीं है, सवाल राष्ट्र के सम्मान का है। इसके कारण जहां एक तरफ राष्ट्र की प्रतिभा पर चोट लगी है, वह धूमिल हुई है, वहां दूसरी ओर हमारे उद्यमियों का मनोबल गिरेगा। मुझे याद है कि १९८४ में भोपाल गैस कांड के समय जब यूनियन कार्बाइड से गैस निकली थी तो ३००० से ज्यादा निर्दोष नागरिक मारे गये थे और उस कंपनी के अध्यक्ष एंडरसन को हम दस मिनट भी गिरफ्तार करके नहीं रख पाए थे जबकि हमारे देश के एक नागरिक को इस ढंग से इंडोनेशिया में गिरफ्तार किया गया है। मैं आपके माध्यम से सरकार से मांग करता हूँ और माननीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने प्रयास भी किये हैं, लेकिन भारत सरकार इस मामले में कठोर कदम उठाए और ज़रूरत पड़े तो प्रधान मंत्री भी इसमें हस्तक्षेप करें। …( व्यवधान)
(KALAHANDI): I would also like to associate with what Shri Shivraj Singh Chouhan has said because I am a Member of that organisation.
MR. SPEAKER: All right, you are also allowed to associate.