Judgements

Regarding Bomb Explosion In A Bus In Ghatkopar, Mumbai. on 3 December, 2002

Lok Sabha Debates
Regarding Bomb Explosion In A Bus In Ghatkopar, Mumbai. on 3 December, 2002


>12.05 hrs.

Title: Regarding bomb explosion in a bus in Ghatkopar, Mumbai.

श्री किरीट सोमैया

(मुम्बई उत्तर पूर्व) : अध्यक्ष महोदय, मुम्बई में कल घाटकोपर में बैस्ट की बस में बम विस्फोट हुआ।

SHRI PRIYA RANJAN DASMUNSI (RAIGANJ): Will the Home Minister share information with us as to when he will launch the fourth attack against Pakistan to protect the country against terrorism? … (Interruptions) Right from Shri Balasaheb Thackeray to all of us, we are anxiously waiting for when the Home Minister will launch the fourth attack against Pakistan to protect the country against terrorism. … (Interruptions) He suddenly left. … (Interruptions)

अध्यक्ष महोदय : मैंने किरीट जी को बुलाया है, आप बैठिए।

श्री किरीट सोमैया: यह क्षेत्र मेरे निर्वाचन क्षेत्र में आता है। उस बम विस्फोट में तीन लोगों की मृत्यु हो गई और ३१ लोग घायल हुए। कल रात को दो बजे वहां से तीन किलोमीटर दूर दूसरी जगह पर इसी प्रकार का एक बम पाया गया। अध्यक्ष महोदय, मैं आपकी जानकारी के लिए यह भी कहना चाहूंगा कि कुछ दिन पूर्व दक्षिण मुम्बई में नवी नगर में एक झोंपड़ी में बम बनाते हुए विस्फोट हुआ था और कुछ लोग पकड़े भी गए थे। १९९२-९३ में मुम्बई में जो बम कांड हुआ था, उसकी कार्यवाही कोर्ट में चल रही थी। कल वहां दोनों पक्षों के आग्र्यूमेंट समाप्त हुए हैं। मुम्बई के लोगों के मन में आशंका है कि कहीं इस घटना का सम्बन्ध ६ दिसम्बर या १९९२ के बम कांड से तो नहीं है और क्या इसमें भी आरडीएक्स का प्रयोग तो नहीं हुआ। लगता है कि यह पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित किसी आतंकवादी ग्रुप से सम्बन्धित घटना है।

मैं मुम्बई की जनता की प्रशंसा करना चाहूंगा कि इतनी वचित्र घटना होने के बाद भी घाटकोपर के लोगों ने अपना दैनंदिन कार्य यथावत रखा। मैं कल रात वहीं पर था। राज्य सरकार आतंकवाद के विरूद्ध जो कार्रवाई कर रही है, उसका पूरा समर्थन केन्द्र सरकार को करना चाहिए और उसके लिए मदद देनी चाहिए। इसके पीछे किसका हाथ है, यह भी फाइंड आउट करना चाहिए। मैं यह भी चाहूंगा कि गृह मंत्री जी इस घटना पर सदन में एक स्टेटमेंट दें। अगर वहां की राज्य सरकार यह चाहती है कि किसी को यहां से वहां भेजा जाए, तो आवश्यकता पड़ने पर किसी अधिकारी को वहां जाना चाहिए। इस विषय पर मुम्बई के लोगों को विश्वास में लेकर वहां शांति का वातावरण बनाने के लिए केन्द्र सरकार को कदम उठाना चाहिए।

श्री रामदास आठवले

(पंढरपुर): अध्यक्ष महोदय, कल शाम सात बजे मुम्बई में घाटकोपर में बैस्ट की एक बस संख्या ४१६ में बम ब्लास्ट हुआ। इससे वहां तीन लोगों की मृत्यु हो गई और ३१ लोग जख्मी हुए। मुम्बई शहर देश की आर्थिक राजधानी है। मुम्बई भी आतंकवादियों के निशाने पर है। मुम्बई की रक्षा करने का मतलब देश की रक्षा करने जैसा है। मुम्बई में १९९२-९३ में भी इसी तरह का ब्लास्ट हुआ था। कल भी वहां दूसरी बार यह विस्फोट हुआ है। केन्द्र सरकार आतंकवादी गतवधियों को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाने जा रही है, इस बारे में हमें बताए? हर रोज देश में आतंकवादी घटनाएं हो रही हैं और उनकी संख्या बढ़ती जा रही है। दिल्ली में भी १३ दिसम्बर को संसद पर अटैक हुआ था। उसके बाद गुजरात में अक्षरधाम में आतंकवादी हमला हुआ। इन आतंकवादी गतवधियों को खत्म करना चाहिए। इसके लिए सरकार की इच्छा है या नहीं, हमें लगता है कि नहीं है। आखिर कितने लोगों की जान सरकार लेने वाली है। सरकार मुम्बई के लोगों की रक्षा करे। हमारा निवेदन है कि सरकार को पाकिस्तान के साथ युद्ध करना चाहिए। अगर आप युद्ध नहीं करेंगे तो हम लोग युद्ध करने के लिए तैयार हैं। मुम्बई की रक्षा होनी चाहिए। अटल जी से और आडवाणी जी से हम लोगों का निवेदन है कि शीघ्र ही पाकिस्तान के साथ युद्ध की घोषणा करें और इन आतंकवादी गतवधियों को खत्म करें।

श्री राम विलास पासवान

(हाजीपुर) : अध्यक्ष जी, मुम्बई में कल जो हुआ है, यह न सिर्फ दुखद है, बल्कि पूरे देश के लिए अलार्मिंग स्थिति भी है। हमने इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है और शून्य काल में भी नोटिस दिया है। यह सिर्फ मुम्बई का ही मुद्दा नहीं है। प्रधान मंत्री बार-बार कह रहे हैं कि आतंकवाद आखिरी सांस ले रहा है, उग्रवाद आखिरी सांस ले रहा है। मैं देख रहा हूं, सदन भी देख रहा है कि उग्रवाद अंतिम सांस नहीं ले रहा, बल्कि यौवन पर है। जो उग्रवाद जम्मू-कश्मीर तक था, वह अब दिल्ली में संसद भवन और गुजरात में अक्षरधाम तक पहुंच गया है। आज के तारांकित प्रश्न संख्या २१० के जवाब में लिखा गया है कि लश्करे तोइबा न सिर्फ जम्मू-कश्मीर में, बल्कि दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और झारखंड में भी अपना नैटवर्क फैला रहा है। कुल मिलाकर पूरे देश में उग्रवाद फैलता जा रहा है। एक तरफ कहा जा रहा है कि उग्रवाद अंतिम सांस ले रहा है, मुझे नहीं मालूम कि कैसी अंतिम सांस ले रहा है। अभी यहां गृह मंत्री जी को होना चाहिए था। वे पाकिस्तान को चौथे युद्ध के लिए ललकार रहे हैं। उनको चाहिए कि पहले अपने घर को सम्भालें। वे पाकिस्तान को युद्ध के लिए ललकार रहे हैं, यह गुजरात के चुनाव के संदर्भ में बात कही गई है या देश को बचाने के लिए कहा गया है, मेरी समझ में नहीं आ रहा है। अभी हम लोगों ने भारतीय जनता पार्टी का गुजरात का चुनाव घोषणा पत्र देखा है।…( व्यवधान) यह एक-दूसरे से सम्बन्धित बात है। यह कोई मामूली चीज नहीं है। गुजरात का मैनिफैस्टो आपने निकाला है और कहा है यूथ को लड़ाई पर भेजेंगे। बोर्डर से फौज को हटाया जा रहा है और बी.जे.पी. के यूथ वहां लड़ेंगे और आतंकवाद से लड़ेंगे। इस प्रकार से वे फौज का काम करेंगे। मैं आग्रह करना चाहता हूं कि यह सरकार आतंकवाद से निपटने के मामले में टोटल फेल्योर रही है। प्रधान मंत्री जी को, गृह मंत्री जी को यहां आकर पूरे देश को विश्वास में लेना चाहिए और बताना चाहिए कि आतंकवाद घट रहा है या बढ़ रहा है। यदि बढ़ रहा है तो उसे घटाने के लिए क्या उपाय कर रहे हैं, यह सदन में बताना चाहिए।

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा

(दक्षिण दिल्ली): अध्यक्ष जी, मुम्बई जो यह बम ब्लास्ट हुआ है, यह बड़ी दुखद और चिंतनीय घटना है। इस पर सदन को उसी लहजे में विचार करना चाहिए था। मुझे दुख हुआ कि राम विलास पासवान जी ने इसमें राजनीति लाने की कोशिश की है।

श्री राम विलास पासवान: हमने कोई राजनीति नहीं की।

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा: अगर राजनीति लाने की यह कोशिश है तो मैं कहना चाहूंगा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस पार्टी और एन.सी.पी. की मिलीजुली सरकार है। वहां पर कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उसकी है। यदि आज इस तरह की बात करेंगे कि प्रधान मंत्री जी ने यह कहा और दूसरों ने यह कहा, तो फिर हम भी यह पूछ सकते हैं कि महाराष्ट्र में इस प्रकार की घटनाएं क्यों हो रही हैं और क्यों मुम्बई में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। कांग्रेस पार्टी आंतरिक सुरक्षा की बात करती है, पासवान जी गुजरात की बात करते हैं। यह क्यों नहीं कहा जाता कि पाकिस्तान को कि इस तरह की घटनाएं करने और प्रच्छन्न युद्ध करने के बजाय सीधे-सीधे युद्ध करे। यह कहने में आपको कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। देश भर में आईएसआई का जाल बिछ रहा है। यहां पर वैस्ट बंगाल के मुख्य मंत्री आए थे और उप प्रधान मंत्री जी से मिले थे। वैस्ट बंगाल में आतंकवादी घटनाएं जो हो रही हैं, जो बांग्लादेश के लोग कर रहे हैं, उसके लिए उन्होंने सहायता मांगी है। उन्होंने कहा कि मैं सभी राज्यों को पूरी सहायता देने को तैयार हूं। मुम्बई में १९९२-९३ में जो घटना हुई, आज तक उसके मुकदमें का फैसला नहीं हुआ। ठीक उसी तरह से अमेरिका में वल्र्ड ट्रेड सेंटर की जो घटना हुई थी, तो वहां पर एक साल के अंदर किसी को १५० साल, किसी को २०० साल और किसी को ३०० साल तक की सजा सुना दी गई है। हमें विचार करना है कि अगर आतंकवाद को कुचलना है तो क्यों नहीं पोटो सभी राज्यों में लागू किया जाए। जो जेहादी आतंकवादी पैदा करने वाली फैक्टरीज हैं, कुछ मदरसे भी इस काम में शामिल हैं, उन पर रोक लगानी चाहिए। इस देश में जो बांग्लदेशी और पाकिस्तानी आकर बस गए हैं, उनको बाहर निकालने की कार्रवाई भी की जानी चाहिए। यह जो घटना हुई है, यह बड़ी दुखद घटना है। सारे सदन को मिलकर पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद को कुचलने के लिए अपना संकल्प प्रस्तुत करना चाहिए।

SHRI SHIVRAJ V. PATIL

(LATUR): Shri Kirit Somaiya has made a statement on the floor of the House, and I agree with him. Mumbai is the industrial capital of India, and it is necessary that the law and order is maintained properly in that city. I have no doubt that the State Government would do its best to see that the law and order is maintained in a proper manner.

As has been stated by the Members belonging to the Ruling Party also, the Government of India also should extend the help which is required and necessary to see that law and order is maintained in the country. This is a serious issue. Unless we cooperate with each other, it becomes difficult. The State Government and the Union Government should cooperate in this matter. The State Government will do its duty and, I am sure, the Union Government also will do its duty.

In these circumstances what is important is maintaining law and order. What should be avoided is making bellicose statements which do not happen.

SHRI SOMNATH CHATTERJEE

(BOLPUR): Mr. Speaker, Sir, the matter is extremely important. Therefore, we wish to associate ourselves with this matter when it has been raised on the floor of the House. We strongly condemn the incident and we sympathise with the injured and of course, we convey our condolences to the members of the bereaved families. Innocent people have been killed. There is no question of any softness or weakness towards the terrorists. We have all unitedly decided to fight it and the Government has to fight it. The job of the Government is to do it. The question, unfortunately, is that this is being utilised for purposes which are causing great concern.

Sir, it is always said and even now, Shri Malhotra could not resist the temptation… (Interruptions)

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा: आप रामविलास जी से कहिए, हमें क्यों कह रहे हैं?…( व्यवधान)

श्री सोमनाथ चटर्जी : हम आपके लिए क्या बोलते हैं, आप जानते भी नहीं हैं। You could not resist yourself the temptation of referring to POTA. POTA has been implemented in full force in the State of Gujarat but there are incidents there also. Shri Malhotra, do not try to give excuses like this that because some State Governments are not using POTA, therefore this is happening. It is happening in many States where POTA has been vigorously and rigorously enforced. That is not the method of dealing with it. This is not only a law and order problem but also a political issue. Therefore, what is disturbing us is that in this situation, nothing should be said or done which may complicate the issue further. That is why we have been saying that unfortunately it seems that because there is some election process somewhere, therefore, stridency has increased, bellicosity has increased in this country which is giving wrong signals, and this House has been kept totally in the dark.

Sir, who has not condemned such incidents? Has there been any incident that we have not condemned? Has there been any occasion when we have not supported the Government on all its stands? On principle we opposed POTA because we knew that POTA would be useless as it is useless today. On principle we opposed POTA and not because of our weakness towards the terrorists. That is not right. Therefore, I am saying that this is a matter where one should not try to score political points. But the Central Government has a responsibility in it. We know wherefrom these ISI activities are being strengthened. We know wherefrom they are coming. We are strongly denouncing this cross-border terrorism. No State Government can control these ISI activities. It is the Government of India which has to take rigorous steps to control this. Therefore, we want that a message should go that so far as terrorism is concerned, the country is one. But nothing should be said or done as is being said and done taking advantage of the present situation which is creating disturbance in the country and probably encouraging those people, the terrorists, to come and enter our country and create trouble as it has happened in Mumbai.

श्री मुलायम सिंह यादव

(सम्भल): अध्यक्ष महोदय, यहां जो सवाल उठाया है, यह बहुत ही गंभीर और महत्वपूर्ण है। मुंबई पहले से ही पीड़ित है और यह इसलिए भी दहशत में ज्यादा है क्योंकि सुरक्षा की द्ृष्टि से संवेदनशील स्थान हैं, जिसे स्वयं सरकार या प्रधानमंत्री जी भी स्वीकार करते हैं। राष्ट्रपति जी से जो इनकी बातचीत हुई, उनके माध्यम से या उनकी तरफ से कहते हैं कि आतंकवादियों के हाथों में पाकिस्तान का एटम बम चला गया था। यह राजनैतिक सवाल नहीं है और न ही यह राजनीति है, यह मल्होत्रा साहब बता रहे हैं। आपकी तरफ से हमेशा राजनीति होती रही। अभी सोमनाथ जी यहां कह रहे थे कि हर मौके और हर वक्त पर सरकार का समर्थन पूरे देश की जनता ने, पूरी तरह फौज और विपक्ष ने दिया है। इतना समर्थन किसी भी सरकार को कभी नहीं मिला है, यह हमारी जानकारी में है। उसके बावजूद भी पूरी तरह से असफलता छिपाने की कोशिश की गई है। आपने देश का पूरा समय और हिन्दुस्तान का पूरा धन बर्बाद किया। आप केवल न्यूयार्क में बैठे रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी तरह से हमारी छवि अच्छी रही।

आतंकवाद चाहे जितना बढ़ता रहे। सर्वदलीय बैठकों में भी गृह मंत्री जी और प्रधान मंत्री जी की तरफ से हमेशा कहा गया है कि भारत की अंतर्राष्ट्रीय छवि आतंकवाद के खिलाफ सुधर गयी है। आतंकवाद से लड़ने के लिए पूरा सेहरा आपने लिया है।…( व्यवधान)

डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा: क्या पूरा सदन युद्ध के हक में था…( व्यवधान)आप चाहते थे लेकिनसदन के बाकी लोग तो युद्ध नहीं चाहते थे। सीपीएम वाले कह रहे थे कि युद्ध नहीं करना चाहिए।…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव :जहां तक युद्ध का सवाल है हम लोग युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन अगर आप युद्ध करेंगे तो हम देश के साथ हैं। आपकी मजबूरी हो या सरकार हमें विश्वास में लेती हो तो हम साथ हैं। लेकिन आपने तो कभी हमें विश्वास में लिया ही नहीं, विश्वास तो विपक्ष ने आपको दिया है। आपने हुर्रियत के लोगों के साथ समझौता किया, पाकिस्तान भेजने के लिए काम किया, लेकिन आपने कभी भी हमें विश्वास में नहीं लिया। आप अंतर्राष्ट्रीय छवि सुधारते रहे, लेकिन हमें कभी भी विश्वास में नहीं लिया। अमरीका में जब घटना हुई तो तत्काल आपने घोषणा कर कह दिया कि हम तुम्हारे साथ हैं। लेकिन क्या आपने हमसे सहमति ली। कांग्रेस की तरफ से भी तीन लीडर थे, जिनमें राज्य सभा के विपक्ष के लीडर थे। कम्युनिस्ट पार्टी के कामरेड सुरजीत थे। हमने कहा था कि जिस तरह से सहानुभूति अमरीका बनाता है उसी तरह से आप कीजिए। खुले-आम आतंकवादियों को निमंत्रण मत दीजिए। आप अपनी शर्तों के साथ अमरीका को मदद करना चाहें तो कीजिए। हमने कहा था कि सहानुभूति प्रकट जरूर कीजिए लेकिन अपनी शर्तों पर कीजिए। यहां पर अगर माननीय प्रधान मंत्री जी या माननीय गृह मंत्री जी होते तो कहते कि मुलायम सिंह जी ठीक कह रहे हैं। आपने इतने खतरनाक आतंकवादियों को खुद निमंत्रण दिया। क्या आपने हमारी राय ली थी। क्या हमने आपको नहीं रोका था। आज हम यहां पर जाहिर करना चाहते हैं कि हमने आपको रोका था। प्रमुख दलों के लोग प्रधान मंत्री जी के निवास स्थान पर गये थे। उस वक्त हमने सावधान किया था कि अमरीका पर हमला करने के बाद यह मामला बहुत संवेदनशील हो गया है। आज अमरीका घबरा रहा है, थर्रा रहा है। लेकिन आपने तो आतंकवादियों को खुले-आम चुनौती दे दी। आपने चुनौती दे दी कि स्थान चुन लो, तारीख तय कर लो। आपने हमेशा चुनौती ही दी है। युद्ध की चुनौती आप देते हैं, युद्ध की घोषणा आप करते हैं और आज हमसे पूछते हो कि हम युद्ध चाहते हैं या नहीं चाहते हैं। यह गलत बात है। आईएसआई जो कर रही है उसकी पूरी जिम्मेदारी आपकी है। मुम्बई में घटना हुई, संसद में हुई, लालकिले में हुई, कश्मीर विधान सभा में हुई, हमने आपको समर्थन दिया, लेकिन इतनी निकम्मी, इतनी असहाय यह सरकार है जिसके कारण पूरा देश आज दहशत में है।

अध्यक्ष महोदय, इस सरकार में न तो कोई राजनैतिक इच्छा शक्ति है, न कोई संकल्प-शक्ति है और न इस सरकार में पुरुषार्थ बाकी बचा है।

: महाराष्ट्र सरकार में भी नहीं है क्या?