NT>
12.17 hrs.
Title: Regarding discrimination against the students of Bihar in the Delhi University.
(वैशाली): अध्यक्ष महोदय, देश में मशहूर दिल्ली विश्वविद्यालय का मशहूर जुबली हॉल होस्टल है। उसमें जो लड़के रहते हैं, वे आईएएस और आईपीएस में टॉप करते हैं और ज्यादा नम्बर पाने वाले लड़कों को ही उसमें रखा जाता है। पिछले कई दिनों से वहां आमरण अनशन चल रहा है। भूख हड़ताल के कारण छात्रों की हालत वहां काफी खराब हो गई तो उनको हॉस्पिटल में रखा गया और वहां सीआरपीएफ और आरएएफ द्वारा उनको दंडित किया जा रहा है। पूरा हॉस्पिटल पुलिस सिपाहियों से भर दिया गया है। इससे दिल्ली विश्वविद्यालय जो एक मशहूर विश्वविद्यालय है और हम लोगों को इस विश्वविद्यालय पर गौरव है। उसमें छात्र आमरण अनशन कर रहे हैं और वहां का वाइस चांसलर तथा वहां ऑथोरिटीज सुन नहीं रही हैं। वहां घोर अनियमितता हुई है। जो टॉपर लड़के हैं, खासकर बिहार के छात्र हैं, जो परीक्षा में टॉप करते हैं और जो मेघावी छात्र हैं, उनको जान-बूझकर हॉस्टल से हटाया गया है। इसीलिए मैं सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करना चाहता हूं कि दिल्ली विश्वविद्यालय की गरिमा, महिमा को बचाने हेतु सरकार सदन में बयान दे।…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप बैठिए। मैं एक मिनट से ज्यादा समय नहीं दूंगा।
…( व्यवधान)
: मैं सरकार से जानना चाहता हूं कि ऐसा कब तक होता रहेगा?…( व्यवधान)
: अध्यक्ष महोदय, यह कोई साधारण बात नहीं है।…( व्यवधान)सरकार इस पर जवाब दे।…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : रघुवंश जी, आप बैठिए। देखिए, मैं एक-एक मिनट दे रहा हूं। इससे ज्यादा समय नहीं दे सकता हूं। मैं चाहता हूं कि ज़ीरो ऑवर में ज्यादा से ज्यादा विषय आ जाएं। मैंने सुरेश रामराव जाघव का नाम लिया है।
…( व्यवधान)
(परभनी) : अध्यक्ष जी, महाराष्ट्र सरकार ने…( व्यवधान)
डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह :अध्यक्ष महोदय, यह छात्रों पर घोर अन्याय है।…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदय : आप सभी बैठिए। रघुवंश प्रसाद जी, मैंने आपको मौका दिया कि आप ज़ीरो ऑवर में अपनी बात उठाएं।
…( व्यवधान)
: देखिए, सरकार को जिस विषय पर चाहिए, उस विषय पर सरकार विचार करेगी लेकिन जीरो ऑवर के बारे में माननीय सदस्या ने जो प्वाइंट ऑफ ऑर्डर रेज किया था, आप समझ सकेंगे कि यह क्यों होता है। If Members are not cooperating, what can we do? I can understand your point of order and concern, but the Member standing next to you also cannot stop speaking. What can we do?