Title: Regarding evacuation of the slum-dwellers and removal of slums from Delhi.
:अध्यक्ष महोदय, लाल बिहारी तिवारी जी ने दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों के बारे में सवाल उठाया था। इस समय वह चले गए हैं। दिल्ली में जिसे हम अनधिकृत कालोनियां कहते हैं, वहां लाखों-लाख की संख्या में लोग बसे हुए हैं और काम करके खा रहे हैं। लेकिन इन अनधिकृत कालोनियों को अधिकृत करने के नाम पर कहा जा रहा है कि उन लोगों से दंड लिया जाएगा और वह भी भूमि की कीमत और कब्जे के आधार पर लिया जाएगा। इस तरह का फैसला किया गया है जो नाजायज है। मेरा निवेदन है कि इन अनधिकृत कालोनियों को अधिकृत करना चाहिए और जिंदगी की सारी सहूलियतें वहां दी जानी चाहिए। इस फैसले से वहां के लोगों में बड़ा भारी आतंक और भय का वातावरण बना हुआ है। इस राज पर किसी को कोई भरोसा नहीं है कि कब इन मेहनतकश लोगों के सम्बन्ध में गड़बड़ हो जाए। इन झुग्गी-झोंपड़ियों में रहने वाले लोगों ने दिल्ली को अपनी मेहनत से सुंदर बनाने का काम किया है। पहले जब इन झुग्गी-झोंपड़ियों को वहां से हटाया जाता था, तो इनके रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाती थी। लेकिन कोर्ट ने फैसला दिया है और कहा है कि बिना प्रबंध के उनको उजाड़ने की इजाजत दी जा सकती है। जो लाखों लोग वहां बसे हुए हैं, उनमें इससे बड़ा आतंक है। इसलिए मैं सरकार से मांग करता हूं कि इन मेहनतकश लोगों की सुरक्षा के लिए और उनको जिंदगी की सारी सहूलियतें देने का इंतजाम किया जाए।