Judgements

Regarding Flood Situation In Some Districts Of Uttar Pradeh. on 30 July, 2009

Lok Sabha Debates
Regarding Flood Situation In Some Districts Of Uttar Pradeh. on 30 July, 2009


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Title : Regarding flood situation in some districts of Uttar Pradeh.

श्री जगदम्बिका पाल (डुमरियागंज): अध्यक्ष महोदया, मैं एक बहुत ही महत्वपूर्ण वि­ाय की ओर सम्मानित सदन का ध्यान आकर्­िात कराना चाहता हूं। 28 तारीख को, नेपाल सरकार ने, नेपाल में बने हुए बाणगंगा नदी के बेराज पर, जो लक्ष्मणगंज में स्थित है, अत्यधिक बारिश होने के कारण, उस बेराज का पानी जब ओवर-फ्लो होने लगा तो उन्होंने उस बेराज के 17 गेट खोल दिये और हजारों क्यूसिक मीटर पानी, नेपाल से, भारत में उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थ नगर जनपद में, महाराजगंज, बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती में आ गया। जिस तरह से पिछली साल बिहार की कोसी में नेपाल का पानी आ गया था, आज वैसी ही परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं। इस बार फिर, नेपाल से पानी जो उत्तर प्रदेश की सीमा में सिद्धार्थ नगर के माध्यम से प्रवेश कर गया है। दो दिन के अंदर सिद्धार्थ नगर की सड़कों पर आवागमन बाधित हो गया है और जो गोरखपुर से महाराजगंज होते हुए, सिद्धार्थ नगर, बलरामपुर, बहराइच, श्रीवस्ती वह सड़क जाती है, वह सोहरतगढ़ से बरनी के बीच में बंद हो गयी है। बरनी से बस्ती, फैजाबाद और लखनऊ को जो सड़क जाती है, वह भी बंद हो गयी है और हजारों एकड़ जमीन बेकार हो गयी है। आज तमाम गांवों में नावें चल रही हैं। चाहेकुटिया-गणेशपुर हो, चाहे भटियार-तुलसीपुर हो, गुलोरा-हलोरा हो या झंडेनगर हो, वहां इस तरह की परिस्थिति हो गयी है। परसों पानी आने के बाद, तीन व्यक्तियों की डूबकर मृत्यु भी हो गयी। उनके घर के सामने जिस तरह की परिस्थितियां उत्पन्न हुई, आप उस परिस्थिति की कल्पना कर सकते हैं। नेपाल पानी छोड़ने की फिर दुबारा योजना बना रहा है। अगर फिर उन बेराज से पानी छोड़ दिया गया तो निश्चित ही पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों के तमाम गांव बह जाएंगे, तमाम जनजीवन को नुकसान होगा और उससे केवल जो बंद बने हुए हैं, हमारे यहां जो बारिश और बाढ़ आती है, उससे उन बंदों को भी खतरा पैदा हो गया है। जैसे नवेल है, कठेला है या इटवा साइड में जो बंद हैं, उनमें पानी का दबाव बढ़ गया है। बाराबंकी या लखीमपुर तक में ये परिस्थितियां हैं क्योंकि ये नेपाल की फुट-हिल्स हैं जो पडरौना-खुशीनगर से लखीमपुर तक शुरू होती हैं। इन सभी जनपदों में नेपाल  के सिद्धार्थ नगर से लाखों क्यूसेक मीटर पानी आ चुका है। अगर एक वक्तव्य यहां से आ जाता कि राज्य सरकार उस पर क्या प्रयास करेगी और भारत सरकार नेपाल सरकार से बात करके, उस पानी को तत्काल रोकने की कृपा करे। धन्यवाद।