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Regarding Lathi-Charge By The Police On An Peaceful Procession, … on 17 December, 2002

Lok Sabha Debates
Regarding Lathi-Charge By The Police On An Peaceful Procession, … on 17 December, 2002


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Title: Regarding lathi-charge by the police on an peaceful procession, taken out by the leaders of Bharatiya Janata Party in Dehradun, Uttaranchal on 13 December, 2002.

श्री हरपाल सिंह साथी

(हरिद्वार) : अध्यक्ष महोदय, मैं उत्तरांचल राज्य के हरिद्वार जिले से चुनकर आता हूं। गत १३ दिसम्बर को राज्य की राजधानी देहरादून में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता धरना देने के लिए जा रहे थे, तो पुलिस ने इन लोगों पर इस कदर बर्बर लाठी चार्ज किया कि वहां बच्चों, औरतों और निहत्थे प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया। मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि लोकतंत्र में अपनी बात कहने के लिए यही एक तरीका होता है। सरकार चाहे केन्द्र की हो या राज्य की हो, जिस तरह वहां पर पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं पर और औरतों पर लाठी और घूंसों से प्रहार किया, वह दर्दनाक और शर्मनाक घटना है। मैं कहना चाहता हूं कि उस एरिया को पुलिस छावनी का रूप दे दिया गया था। अगर प्रहार करना ही था तो जिन्होंने पटवारी की और दरोगा की नियुक्तियों में रिश्वत लेकर भर्तियां की हैं, भ्रष्टाचार किया है, उन पर करना था। उत्तरांचल सरकार भ्रष्ट हो चुकी है और पूरा भ्रष्टाचार करने पर उतारू है। खनन माफिया मंत्रियों ने अपने रिश्तेदारों को ठेके देकर भ्रष्टाचार फैला रखा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। वहां की सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है। वहां की जनता इससे काफी परेशान है। ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए और ऐसी सरकार को तुरंत भंग करके वहां पर न्यायिक सरकार लाई जानी चाहिए।