Title: Regarding Milkha Singh’s rejection of the Arjuna Award allegedly on the recommendation of the Prime Minister’s Office.
(फरीदकोट) : उपाध्यक्ष महोदय, मैं सब पार्टी हितों से ऊपर उठकर देश के एक बहुत महत्वपूर्ण मुद्दे को उठाना चाहता हूँ। वैसे तो यह चिन्ता पार्टियों की नहीं है, देश की चिन्ता है और‘किस्सा-ए-दर्द सुनाते हैं कि मजबूर हैं हम।’सारी दुनिया में जाने माने हमारे एथीलट मिल्खा सिंह जिनको फ्लाइंग सिख का खिताब दिया गया, उन्होंने कल एक प्रैस कॉनफ्रेन्स की। उन्होंने १९५८ में जब मेरा जन्म भी नहीं हुआ था, चार गोल्ड मैडल एशियन गेम्स में जीते, एक गोल्ड मैडल कॉमनवैल्थ में जीता और उसके बाद ओलम्पिक्स में उनका १९६० का रेकार्ड अब तक भी बीट नहीं हुआ है। उन्होंने प्रैस कॉनफ्रेन्स में आँखों से आँसू बहाते हुए कहा कि ८० में से ७७ रेस उन्होंने जीतीं जो वे दौड़े और अर्जुन अवार्ड जो यहां दिये जा रहे हैं खेल मंत्रालय की तरफ से, उसमें अफसोस की बात है कि वे पी.एम.ओ. के रेकमंडेशन से दिये जा रहे हैं और उनके द्वारा दखल दिया जा रहा है। इतना अपमान उनका हुआ है कि जो उनकी अचीवमेन्ट्स हैं और बड़े सैलेब्रेटेड ऐथलीट हैं और दुनिया के माने हुए ऐथलीट हैं…( व्यवधान)मैं जरूरी बात कह रहा हूंरूडी जी।I am quoting from his own Press Conference.यह मिल्खा सिंह की खुद की प्रैस कॉनफ्रेन्स है और उन्होंने यह कहा है कि इसमें पी.एम.ओ. का दखल है और जिन लोगों की कोई अचीवमेन्ट्स नहीं हैं उनको ये अवार्ड रेकमंड किये जा रहे हैं। …( व्यवधान)
श्री प्रमोद महाजन : ये बिल्कुल गलत कह रहे हैं। मैंने खुद सुनी है उनकी प्रैस कॉनफ्रेन्स। जब चाहे पी.एम.ओ. का नाम ले लेते हैं? …( व्यवधान)
श्री जे.एस.बराड़:कल खबर आई है कि इंडियन ओलम्पिक असोसियेशन के अध्यक्ष कलमाडी साहब को खेल मंत्री उमा भारती ने कमरे से निकाल दिया और कहा कि ‘get out of this room.’ जब इंडियन ओलम्पिक्स असोसियेशन के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी के साथ यह व्यवहार होता है तो इससे ज्यादा अपमानजनक और इससे ज्यादा लज्जा की बात देश के लिए कोई नहीं हो सकती है। …( व्यवधान)सी.एन.एन. और बी.बी.सी. में मिल्खा सिंह की यह प्रैस कॉनफ्रेन्स प्रसारित हुई हैं और मैं कहना चाहता हूं कि देश के सौ करोड़ लोगों का ध्यान इस ओर लगा हुआ है। अगर सिफारिशें करके अवाड्र्ज दिए जाएंगे तो इससे सारे देश का अपमान होगा और एक नागरिक होने के नाते मैं यह कहना चाहता हूँ। इसमें पोलटिक्स की कोई बात नहीं है। …( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: You may resume your seat.… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: This is ‘Zero Hour’. You have raised the matter and drawn the attention of the Government towards it.… (Interruptions)
श्री जे.एस.बराड़:उपाध्यक्ष महोदय, चंडीगढ़ में मिलखा सिंह जी ने प्रैस कान्फ्रेंस की थी। उसके समाचार दुनियाभर के बड़े-बड़े अखबारों में छपे हैं। उसमें उन्होंने यह आरोप लगाया है। यह मैं नहीं कह रहा हूं, ये उनके अलफाज़ हैं, मेरे नहीं हैं। …( व्यवधान) I stick to it and I authenticate it
उपाध्यक्ष महोदय, खेल मंत्री जी के कमरे में श्री सुरेश कलमाड़ी जी गए, लेकिन खेल मंत्री जी उनकी बात सुनने के लिए तैयार नहीं हुईं और उन्होंने कह दिया कि आप मेरे कमरे से निकल जाइए।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, सरदार मिलखा सिंह जी ने प्रधान मंत्री कार्यालय पर सीधा आरोप लगाया है कि खेल मंत्रालय, खेल पुरस्कारों का वितरण, पी.एम.ओ.के कहने पर कर रहा है। यह उन्होंने कहा है। मैं उन्हीं की बातों को सदन में बता रहा हूं। मैं अपनी तरफ से कुछ नहीं कह रहा हूं। यह बात खाली यहां नहीं बल्कि सारी दुनिया के अखबारों में छपी है।…( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय, ये लोग स्पोर्ट का भगवाकरण कर रहे हैं। क्या स्पोट्र्स के प्राइजेज आर.एस.एस. या अन्य पार्टियों के कहने पर दिए जाएंगे ? …( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: You have already mentioned it. I have now given the floor to Shri Malhotra.… (Interruptions)
SHRI BALBIR SINGH (JALANDHAR): I may also be allowed to speak.
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Brar had given a notice to speak.
SHRI BALBIR SINGH : In what capacity, is Shri Malhotra speaking?… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Balbir Singh, you have not given notice to speak on this matter.… (Interruptions)
श्री बलबीर सिंह : उपाध्यक्ष महोदय, क्या मल्होत्रा जी ने नोटिस दिया है ? …( व्यवधान)
Has he given the notice? Why is he speaking?… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Please resume your seat.
(दक्षिण दिल्ली):उपाध्यक्ष महोदय, सरदार मिलखा सिंह जी मेरे बहुत बड़े मित्रों में से एक हैं। वे दुनिया के बहुत बड़े-बड़े खेल आयोजनों, ओलम्पिक एवं एशियन्स गेम्स में भाग ले चुके हैं। वे मेरे साथ इन खेलों में भाग लेने गए थे और जब मैं शैफ-दि-मिशन था तब भी वे मेरे साथ गए और मैं उनकी भावनाओं का बड़ा आदर करता हूं।…( व्यवधान) Please listen to me now.… (Interruptions)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Shri Balbir Singh, I will call you.… (Interruptions)
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा:उन्होंने १९६० में जो रिकार्ड कायम किया, वह आज तक पूरा नहीं हुआ है, उसको आज तक किसी हिन्दुस्तानी ने तोड़ा नहीं है। ऐसे अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी को ४० साल तक अर्जुन पुरस्कार नहीं मिला, यह वास्तव में बड़े शर्म की बात है।…( व्यवधान) Please, let me now complete.…( व्यवधान)
श्री जे.एस.बराड़:यह गलत बात है। उस समय सिफारिश के ऊपर स्पोट्र्स मैडल, पद्मश्री इत्यादि नहीं मिला करते थे। उस समय का सबसे बड़ा पुरस्कार पद्मश्री मैडल था, जो उनको दिया गया, वह उनको सही दिया गया। यह पार्टी की बात नहीं है।…( व्यवधान)उनका बेटा लुधियाना का माना हुआ गौल्फर है।…( व्यवधान)
डॉ. विजय कुमार मल्होत्रा:उपाध्यक्ष महोदय, १९६० से लेकर २००१ तक उन्हें यह पुरस्कार नहीं दिया गया, तो यह किस की गलती है, यह बराड़ जी बताएं। …( व्यवधान)अगर बराड़ जी, इस विषय और इस बात को सारे सदन की बात बनाते, तो ठीक रहता, लेकिन वे बहुत गलत तरीके से बोले और उन्होंने प्रधान मंत्री कार्यालय को बीच में लिया, यह ठीक नहीं है। प्रधान मंत्री कार्यालय का स्पोट्र्स के मैडल से कोई मतलब नहीं है।…( व्यवधान)
MR. DEPUTY-SPEAKER: Let him speak now,… (Interruptions)
SHRI J.S. BRAR : This is an allegation against the PMO, made not by me but by Sardar Milkha Singh, the flying sikh.… (Interruptions) I am very sorry. It is not my allegation.…( व्यवधान)
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा:ऐथलैटिक फैडरेशन का प्रैज़ीडैंट आज तक लगातार कांग्रेस राज का रहा है। अब तक क्यों नहीं उनका नाम रिकमैंड किया, उनको ऐवार्ड क्यों नहीं दिलाया गया? कांग्रेस के लोगों ने चालीस साल तक उनको ऐवार्ड नहीं दिया। अब आकर एन.डी.ए. की सरकार ने दिया है तो उस पर भी ऐतराज हो रहा है कि क्यों दिया। प्राइम मनिस्टर आफिस का नाम उन्होंने नहीं लिया। बार-बार प्राइम मनिस्टर आफिस का नाम लेना, मैं समझता हूं कि आप उनके ऊपर भी इल्ज़ाम लगा रहे हैं।…( व्यवधान )
श्री जे.एस.बराड़:चालीस वर्षों में मिल्खा सिंह के मुखारविंद से एक शब्द नहीं निकला, आज क्यों यह शब्द निकला है – क्योंकि यह ऐवार्ड उनकी खिल्ली उड़ाते हैं और उनको सिफारिश के ऊपर बांटा जा रहा है।…( व्यवधान )यह सारी दुनिया के माने हुए खिलाड़ियों के लिए चिन्ता का विषय है। आप पार्टी की बात बनाना चाहते हैं। You are trying to score a point. आप पार्टी हित से ऊपर उठ कर बात कीजिए।…( व्यवधान ) You stand totally exposed on this.
डॉ.विजय कुमार मल्होत्रा:यह प्राइम मनिस्टर को बीच में लाना चाहते हैं, मैं समझता हूं कि यह बहुत ही शर्म की बात है। बजाए इसके कि उनके साथ सहानुभूति रखें, उनकी भावना की कद्र करें, आप उनका राजनीतिकरण करना चाहते हैं।
: Sir, I associate myself with what Shri Brar has said.