>
Title: Regarding need to extend reservation benefits to SCs and STs in private sector also.
श्री रामदास आठवले (पंढरपुर) : महोदय, अनूसूचित जाति तथा जनजाति के छात्रों के लिए दिए जाने वाले वजीफे की राशि को मूल्य सूचकांक से जोडा जाना चाहिए ताकि वजीफे की रकम अपने आप बढ़ती रहे, क्योंकि इस समय इस समुदाय के छात्रों के लिए जो वजीफे की राशि मिल रही है, वह केवल नाम मात्र की है तथा देश के प्रत्येक राज्य में एक एक नवोदय विद्यालय खोलने की स्थापना की जा जानी चाहिए ताकि अनुसूचित जाति तथा जनजाति के छात्रों को ही उसमें तकनीकी शिक्षा मिले।
इंदिरा आवास योजना मुख्यत: अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लोगों के लिए ही प्रारंभ की गयी थी, किंतु अब इस योजना में सभी को शामिल कर लिया गया है, जिसकी वजह से उक्त समुदाय के लोगों की आवास की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुयी हे। इसलिए इंदिरा आवास में योजना में एक ऐसी कार्य योजना बनायी जानी चाहिए ताकि अनुसूचित जाति तथा जनजाति वर्ग के लोगों को पांच सालों के अंदर निश्चित रूप से आवास जरूर मुहैया करा दिए जायें।
राज्य सभा और राज्यों की विधान परिषदों में अब तक इन जातियों का कोटा तय नहीं किया गया है। यह कोटा आबादी के हिसाब से निर्धारित किया जाना चाहिए तथा इसके लिए वर्ष २००० को आधार माना जाना चाहिए क्योंकि अब इस तबके की आबादी कम से कम २५ फीसदी तक पहुंच चुकी है और इस सूची में अन्य नयी जातियां भी जुडती जा रही हैं। साथ ही उन सरकारी कंपनियों में अथवा निजी कंपनियों में भी अनु०जा०/ज०जा० का आरक्षण निश्चित किया जाना चाहिए जिनमें तनिक भी सरकारी भागीदारी हो और आरक्षण में अनु०जा० तथा जन०जाति का उम्मीदवार नहीं मिलने पर इसे पिछड़ा वर्ग को देने की बजाये खाली रखा जाना चाहिए।
————-