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Title : Regarding ‘One Rank One Pensions’ to Ex-servicemen.
श्री किशन सिंह सांगवान (सोनीपत) : अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से पूरे देश के पूर्व सैनिकों की वन रैंक वन पैंशन की बहुत पुरानी मांग के बारे में कहना चाहता हूं। देश के पूर्व सैनिक कई वर्षों से इस बात के लिए लड़ रहे हैं, मांग कर रहे हैं। वे कई बार डिफैंस मनिस्टर से भी मिले हैं। उन्होंने एजीटेशन किए हैं, लेकिन आज तक उन्हें इंसाफ नहीं मिल सका। सबसे ज्यादा दुख की बात है कि बड़े पूर्व सैनिक अधिकारियों को वन रैंक वन पैंशन का लाभ मिल गया लेकिन छोटे कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिल पाया। हम लगभग हर सैशन में उनकी इस बात को उठाते हैं, लेकिन उन्हें आज तक इंसाफ नहीं मिला। इसके साथ ही पूरे देश में जो सैनिक बोर्ड बने हुए हैं, उनमें बहुत भारी भ्रष्टाचार चल रहा है। सैनिक रैस्ट हाउसेज़ का मिसयूज़ हो रहा है। पूर्व सैनिकों को कैंटीन की जो फैसीलिटी मिलती है, उनमें भ्रष्टाचार है, सैनिकों को कुछ नहीं मिलता और दूसरे लोग उसका नाजायज फायदा उठा रहे हैं।
इसलिए मैं आपके माध्यम से भारत सरकार के डिफैंस मनिस्टर से मांग करता हूं कि जिन लोगों ने देश की सेवा की है, उन्हें न्याय मिलना चाहिए, इंसाफ मिलना चाहिए, उनके साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए और उन्हें वन रैंक वन पैंशन की सुविधा मिलनी चाहिए।
THE MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF DEFENCE AND MINISTER OF STATE IN THE MINISTRY OF PARLIAMENTARY AFFAIRS (SHRI BIJOY HANDIQUE): Sir, the hon. Prime Minister has constituted a Group of Ministers to go into the specifics of particularly one-rank-one-pension scheme. The Group of Ministers is seized of the matter and a decision will be taken soon.