Judgements

Regarding Prices Of Essential Commodities In The Country. on 1 December, 2004

Lok Sabha Debates
Regarding Prices Of Essential Commodities In The Country. on 1 December, 2004

12.03 hrs.

RE: RISING PRICES OF ESSENTIAL COMMODITIES

IN THE COUNTRY

Title: Regarding prices of essential commodities in the country.

MR. SPEAKER: Hon. Members, we generally take up Calling Attention Motion after the Question Hour. But there has been a request today by the main Opposition Party to raise some important matters after Question Hour. So, without creating a precedent, I am allowing Prof. Vijay Kumar Malhotra to make his presentation.

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा

(दक्षिण दिल्ली) : अध्यक्ष महोदय, देश भर से हज़ारों की संख्या में भीषण महंगाई से त्रस्त जनता आज दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है। पिछले छ:-सात महीनों में इतनी अधिक महंगाई हुई है कि जिसने गरीब वर्ग और मध्यम वर्ग की कमर तोड़कर रख दी है। सभी चीजों के दामों में लगातार वृद्धि होती गई है। जब बजट पेश हुआ था तो चिदम्बरम साहब ने और मनमोहन सिंह जी ने आश्वासन दिया था कि महंगाई को काबू में रखा जाएगा, महंगाई पाँच प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ेगी, इस बात का सदन में आश्वासन दिया गया था। अध्यक्ष जी, महंगाई इस समय ७.५ प्रतिशत, ८ प्रतिशत और सितम्बर के महीने में ८ प्रतिशत को भी पार कर गई है। ऐसा लगता है कि यह महंगाई दो बिन्दुओं पर जाएगी और १० प्रतिशत से अधिक बढ़ जाएगी। कांग्रेस पार्टी ने जब चुनाव हुआ था तो सारे देश में जाकर इस बात का प्रचार किया था और कहा था कि कांग्रेस का हाथ आम आदमी के साथ, परन्तु इस समय कांग्रेस का हाथ आम आदमी से विश्वासघात कर रहा है। इतना भयंकर विश्वासघात किया गया है कि उनकी कमर तोड़कर रख दी गई है।

अध्यक्ष महोदय, रसोई गैस में वृद्धि हुई और उसके अंदर ४० रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई। डीज़ल में बढ़ोतरी की गई, पैट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई। सब्ज़ियां महंगी हो गईं, दालें महंगी हो गईं और आम आदमी की ज़रूरियात की चीजों के भाव आसमान को छू रहे हैं।

अध्यक्ष महोदय, सीमेंट के दाम बढ़ गए। लोहे के दाम बढ़ गए और अब हालत यह है कि रेल से जो ढुलाई होती है, उसके भी रेट बढ़ा दिए गए हैं। अब रेल से ढुलाई होने वाली हर चीज और महंगी होगी।

महोदय, पिछले छ: सालों में होल सेल प्राइस इंडैक्स ४ प्रतिशत से नीचे रहा, ३ से ४ प्रतिशत के बीच रहा और औसत ३.२ प्रतिशत रहा। कंजूमर प्राइस इंडैक्स औसत २ प्रतिशत था, लेकिन इस समय प्राइस इंडैक्स ८ प्रतिशत है और औसत कंजूमर प्राइस इंडैक्स ४.५ प्रतिशत को पार कर रहा है। ये दोनों आंकड़े बढ़ रहे हैं, जो बढ़ती महंगाई को बता रहे हैं, लेकिन ये आंकड़े आम आदमी के लिए बढ़ती महंगाई को स्पष्ट नहीं कर रहे हैं क्योंकि प्राइस इंडैक्स में महंगाई का बहुत छोटा अंश ही शामिल होता है। उसमें डेढ़, दो या ढाई परसेंट अंश ही शामिल होता है जबकि इसका आम आदमी के लिए ५० प्रतिशत तक फर्क पड़ता है। इसलिए ये आंकड़े आम आदमी के लिए बढ़ रही महंगाई को स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। आम आदमी का ३० से ४० प्रतिशत औसत खर्चा बढ़ गया है। उसे समझ में नहीं आ रहा है कि वह किस खर्चे में कमी करे। पानी में कमी करे, चाय में कमी करे, घर के खाने में कमी करे या भूखा रहे?

महोदय, आज से दिल्ली में पानी के ६ गुने से २० गुने दाम बढ़ा दिए गए हैं। ६०० प्रतिशत की वृद्धि एक ही दिन में की गई है। इतिहास में किसी एक दिन में, किसी एक सरकार ने किसी भी चीज में ६०० प्रतिशत वृद्धि की हो, यह देखने में नही आया। …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: That is a State Government matter.

… (Interruptions)

मोहम्मद शाहिद (मेरठ) : अध्यक्ष महोदय, …( व्यवधान)

(Interruptions)*

MR. SPEAKER: This is not to be recorded. Nothing will be recorded except Prof. Vijay Kumar Malhotra’s version. I am requesting him to conclude. Please conclude.

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, ६ गुने से २० गुने तक पानी के रेट एक दिन में बढ़ा दिए गए।

हमारे राज में ३० पैसे किलोलीटर की दर से पानी दिया जा रहा था जिसको बढ़ाकर २ रुपए प्रति किलोलीटर कर दिया गया है। अमीर आदमी तो बिसलैरी का पानी पीता है, लेकिन गरीब आदमी टयूबवैल का पानी पी रहा है। उसके दाम २० गुने कर दिए गए हैं।

महोदय, सोनिया जी यहां बैठी हुई हैं। इन्होंने सब जगह, घूम-घूम कर चुनाव प्रचार के समय जाकर वायदा किया था कि महंगाई नहीं बढ़ेगी।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Hon. Members, sit down, please. When I am standing, you have to sit down.

* Not Recorded
 
 

The hon. Leaders of all the parties have assured me cooperation. That means, we have to run the House according to the rules. Rules cannot be changed from minute to minute according to your convenience. If you do not get opportunities according to the procedure laid down, you can raise the issue. I am requesting the hon. Member to conclude as soon as possible.

There are some notices. I will allow them briefly. But this is a very important issue. I will allow a Short Duration Discussion. Therefore, this will be allowed. A full discussion can be held on that. I am only requesting those hon. Members who have given notices to make very brief references so that we can have a full-fledged discussion. Please have the patience to hear others’ views. It is applicable to all the sides. Others’ views must also be heard.

… (Interruptions)

SHRI MADHUSUDAN MISTRY (SABARKANTHA): Sir, you have instructed him not to raise the issue pertaining to the Delhi Government. Why is he doing it? That is why, we have to interrupt him. He can talk on a Central issue.… (Interruptions)

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : +ÉvªÉFÉ VÉÉÒ,…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: You will have to sit down. I will not permit this. Shri Athawale, I have now kept ready with me the procedure how to name Members and get them out of this House!

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष महोदय, मैं कहना चाहता हूं क …( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Prof. Malhotra, you have made your point. Please sit down.

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा : अध्यक्ष जी, इनके कॉमन मिनीमम प्रोग्राम का यह मतलब है कि कॉमन आदमी को मिनीमम दिया जाए, अमीरों को बेइन्तिहा छूट दी जाए। उनका इंडैक्स ६ हजार को पार गया और आम आदमी महंगाई से त्रस्त है।

महोदय, अगर आप रसोई गैस और पानी की बढ़ी हुई कीमतें देखें, तो इनके सहयोगी दल कम्युनिस्ट और समाजवादी पार्टी के लोग भी इनका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी माइनॉरिटी में है। यू.पी.ए. माइनॉरिटी में है। अगर आप चाहें, तो नियम १८४ में वोटिंग करा लें, दो-तिहाई लोग इनकी नीतियों के खिलाफ वोट देंगे, इनके खिलाफ वोट देंगे।

अध्यक्ष महोदय, मैं आज इनसे सिर्फ यह जानना चाहता हूं कि जो तेजी से महंगाई बढ़ती जा रही है, जो देश के साथ विश्वासघात हुआ, देश को बर्बादी के कगार पर लाया गया, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, इन सब बातों के ऊपर प्रधानमंत्री जी यहां आकर अपना वक्तव्य दें।…( व्यवधान)आज जो करोड़ों लोगों का प्रतनधित्व करते हुए प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें आडवाणी जी और अटल जी वहां गिरफ्तारी दे रहे हैं, ये यहां पर देश की भावनाओं का प्रतीक है। ऐसा न हो कि देश में इस बात पर क्रांति आ जाए और गरीब आदमी इस सवाल को पूरी तरह से उठाएं।…( व्यवधान)इस बारे में हम इनकी निन्दा करते हैं और मैं इस विश्वासघात के लिए प्रोटेस्ट करता हूं।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Everybody will be allowed to have his say.

MR. SPEAKER: He has given notice.

श्री मोहन सिंह (देवरिया) : अध्यक्ष महोदय, आज सारी जरूरी चीजों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इससे आम जनजीवन त्रस्त है।…( व्यवधान)महोदय, पूरे देश में एक आतंकपूर्ण स्थिति है। मैं यह कहना चाहता हूं कि पिछले छ: महीने में छ: फीसदी से अधिक महंगाई बढ़ी है। ये सरकारी आंकड़े हैं, जो अखबारों के जरिए आते हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से देखने से महंगाई की छलांग बड़ी तेजी से बढ़ रही है और पैट्रोल, गैस और डीजल के जो दाम बढ़ाए गए, जो मुद्रास्फीति बढ़ी है, उसमें सबसे बड़ा योगदान पैट्रोलियम प्रोडक्ट्स के दामों के बेतहाशा बढ़ाने से हुआ है। आज वित्त मंत्री जी ने कहा है कि जो बढ़े हुए दाम हैं, उन्हें वे किसी भी कीमत पर वापस लेने को तैयार नहीं हैं।…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: I have already informed hon. Members that I would allow a full-fledged discussion on this subject. So, please be brief.

मैं कहना चाहता हूं कि यह सरकारी नीतियों का परिणाम है कि पिछले छ: महीनों में छ: फीसदी से अधिक महंगाई बढ़ी है। आज इस देश का आम आदमी कराह रहा है, परेशानी के दौर में चल रहा है। इसलिए मैं आपसे आग्रह करना चाहता हूं कि जनहित के इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन के भीतर चर्चा होनी चाहिए और जो सरकार बेलगाम होती जा रही है, इसका जरूरी चीजों के दामों के ऊपर नियंत्रण खत्म हो गया है, उसके बारे में एक साफ वक्तव्य इस सदन के सामने आना चाहिए, जिससे आम जनता की परेशानी को दूर करने में इस सदन का योगदान हो सके, यह मैं आपसे आग्रह करना चाहता हूं।…( )