Title: Regarding privatisation of the sanitation services in the country and consequential increase in unemployment.
श्री शैलेन्द्र कुमार (चायल) : माननीय अध्यक्ष जी, आज़ादी के ५६ वर्ष बाद भी देश में वाल्मीकि समाज के लोगों को उनके जायज़ हक नहीं मिल रहे हैं। उनका एकमात्र रोज़गार सफाई था, जिसका अब निजीकरण किया जा रहा है। सफाई कार्यों का निजीकरण करने से वाल्मीकि समाज के हितों पर कुठाराघात हो रहा है। मैं आपके माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि कम से कम इस समाज के जीवन स्तर को सुधारने के लिए सरकार कोई विशेष योजना तैयार करे ताकि उस समाज की सुरक्षा हो सके और अपनी रोज़ी-रोटी से वह समाज जुड़ सके।
MR. SPEAKER: Thank you very much. This is how everybody has to cooperate with the Chair.
Shri Yerrainnaidu, please be very brief.