Judgements

Regarding Reported Suicide By The Farmers In Maharashtra And Other … on 7 December, 2005

Lok Sabha Debates
Regarding Reported Suicide By The Farmers In Maharashtra And Other … on 7 December, 2005


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Title : Regarding reported suicide by the farmers in Maharashtra and other parts of the country.

 

MR. SPEAKER: Shri Geete wants to raise a very important matter concerning the farmers.  I have allowed him to speak.

… (Interruptions)

श्री अनंत गंगाराम गीते अध्यक्ष महोदय, पिछले एक साल में …( व्यवधान) 

SHRI KINJARAPU YERRANNAIDU (SRIKAKULAM): Sir, you promised that you will allow me to speak.… (Interruptions)

MR. SPEAKER: Let us have order in the House.  I know, and I am thankful that Shri Geete is raising an important issue concerning the common people.  I have allowed him to raise it.  Please allow him to speak.  I am sure the Government will listen to it.  Please cooperate.

SHRI KINJARAPU YERRANNAIDU : Sir, I wanted to speak for a minute.

MR. SPEAKER: Volcker debate is over.  No more please.

SHRI KINJARAPU YERRANNAID : Sir, please allow me for a minute.  I neither belong to UPA nor NDA.… (Interruptions)

MR. SPEAKER: I will not allow you to speak.  I have called Shri Geete.  These are the issues which should be raised and I will allow hon. Members to raise such issues.  Shri Geete, please raise the issue[R12] .

श्री अनंत गंगाराम गीते : अध्यक्ष जी, पिछले एक साल में महाराष्ट्र में १२०० से अधिक किसानों ने आत्महत्याएं कीं। दुर्भाग्यवश इस सदन में मुझे यह कहना पड़ रहा है कि किसानों द्वारा आत्महत्या के मामले में राज्य की सरकार पूरी तरह असफल रही है।

MR. SPEAKER: Do not refer to Rajya Sarkar.

श्री अनंत गंगाराम गीते : मैं उऩकी फंक्शनिंग पर नहीं बोल रहा हूं। इसी कारण कल महाराष्ट्र विधान सभा के सभागृह में एक विधायक ने इन १२०० किसानों की आत्महत्या के मामले में सरकार की विफलता पर आत्महत्या करने का प्रयास किया।

 

MR. SPEAKER: It is very unfortunate.

श्री अनंत गंगाराम गीते : अध्यक्ष जी, यह गंभीर मामला है। यह भले ही राज्य से जुड़ा हो लेकिन जब इतनी बड़ी संख्या में किसान आत्महत्या कर रहे हैं और एक साल में १२०० से अधिक किसानों ने आत्महत्याएं की हैं तो उसके कई कारण हैं। आज पूरे महाराष्ट्र में रोज़ाना आठ घंटे से ज्यादा लोडशैडिंग हो रही है।  कभी-कभी तो १२ घंटे से भी ज्यादा बिजली गायब रहती है। बिजली की काफी किल्लत है। इसके कारण वे किसान जिन्होंने बैंकों से ऋण लिया है, जिन्होंने अपने बीज बोये हैं, फसल लगाई है, जब सुबह खेतों में पानी देने का समय होता है तो बिजली गायब रहती है। पानी है, पम्प है लेकिन बिजली न होने के कारण फसल को पानी नहीं मिल पाता है और पूरी फसल खत्म हो रही है। जिन बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से किसानों ने ऋण लिया है, वे उसको वसूल करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं – किसी पर अटैचमैंट आ रही है, किसी का मकान और किसी के खेती के उपकरण जा रहे हैं। वहां का लैन्ड डैवलपमैंट बैंक जिसको महाराष्ट्र सरकार ने वाइंड अप कर दिया था, अब उनकी कार्रवाई शुरू है। किसान परेशान हैं। महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री का दो दिन पहले बयान था कि महाराष्ट्र के जिन किसानों ने साहूकारों से लोन लिया है और उनके शिकंजे में फंसे हैं, उस ऋण के बोझ के कारण वे आत्महत्या कर रहे हैं। यह कहने के सिवाय सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। किसान रोज़ाना आत्महत्या कर रहे हैं।

मैं आपके माध्यम से भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा और और विशेषकर कृषि मंत्री जी से मांग करना चाहूंगा कि यह मामला किसी एक राज्य का नहीं रहा है। जब आंध्रा प्रदेश में बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्याएँ कीं तो प्रधान मंत्री डॉ.मनमोहन सिंह तुरंत वहां पर गए, वहां किसानों से भेंट की और वहां के लिए अलग से एक पैकेज दिया गया। लेकिन मुझे दुर्भाग्य से कहना पड़ रहा है कि पिछले एक साल में महाराष्ट्र में १२०० से अधिक किसानों ने आत्महत्याएं कीं लेकिन प्रधान मंत्री जी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया है। भारत सरकार भी इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। इसलिए मैं मांग करता हूं कि वहां के किसानों को, खास तौर से कपास और गन्ना का उत्पादन करने वाले किसानों को आत्महत्याओं से बचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार को एक विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए जिससे किसानों की मदद की जा सके। जिस प्रकार आंध्रा प्रदेश को सहायता दी गई, उसी प्रकार महाराष्ट्र को भी सहायता मिलनी चाहिए। इस गंभीर मामले को उठाने के लिए महाराष्ट्र विधान सभा में एक विधायक को आत्महत्या करने की नौबत आ गई और वह अपना बलिदान करने के लिए तैयार हो गए।

MR. SPEAKER: I hope he is not injured, I hope he is safe.

श्री अनंत गंगाराम गीते : मैं आपके माध्यम से सरकार से मांग करता हूं कि भविष्य में हमारे किसान आत्महत्या न करें, इसके लिए भारत सरकार की ओर से महाराष्ट्र सरकार को एक विशेष आर्थिक पैकेज दिया जाए। …( व्यवधान) 

MR. SPEAKER: I hope the matter will be properly looked into. 

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: I will take everybody’s name.

… (Interruptions)

MR. SPEAKER: आप इतने इम्पेशेन्ट क्यों हैं?  Why do you not allow the House to function?  It is your House.  ऐसा करने से क्या फायदा होगा?

…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: The following hon. Members associated themselves with the matter raised by Shri Anant Gangaram Geete:

            Shri Hansraj G. Ahir

            Shrimati Bhvana P. Gawali

            Shrimati Kalpna Ramesh Narhire

            Shri Anant Gudhe

            Shri Chandrakant Khaire

            Shri Prakash Paranjpe

            Shri Basu Deb Acharia

प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा मैं भी गीते जी की बात से अपने को संबद्ध करता हूं।

अध्यक्ष महोदय : आपके नेता अच्छे ढंग से बोले हैं, उसको डाइल्यूट मत कीजिएण्१३ट।

            Would anybody else like to associate with this issue? हम चाहते हैं कि आप इस मुद्दे को उठाएं।

SHRI BASU DEB ACHARIA : Sir, you may kindly allow a discussion on this issue.

 

अध्यक्ष महोदय :  आप नोटिस देंगे, तभी इस पर विचार होगा।

            Shri Geete, I thank you for raising this issue.

SHRI N.N. KRISHNADAS Sir, we associate ourselves with the sentiments expressed by Shri Geete.

SHRI P.C. THOMAS Sir, while associating with this issue, I would like to submit that in the Wayanard district in Kerala… (Interruptions)

श्री प्रदीप गांधी महोदय, किसानों की आत्महत्या के मुद्दे पर मेरा नाम भी संबद्ध किया जाए।

 

अध्यक्ष महोदय : आप सभी का नाम इस मुद्दे पर संबंद्ध कर लिया है। हमने भी सरकार को कहा है कि इस मुद्दे पर खास ध्यान देना चाहिए।

…( व्यवधान)

MR. SPEAKER: Your names have been recorded.

… (Interruptions)