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Title: Regarding status of implementation of recofmmendations contained in the 2nd Report of Standing Committee on Chemicals & Fertilizers. – Laid.
12.03 ½ hrs
(iii) STATUS OF IMPLEMENTATION OF RECOMMENDATIONS CONTAINED IN THE SECOND REPORT OF STANDING COMMITTEE ON CHEMICALS & FERTILISERS PERTAINING TO THE DEPARTMENT OF FERTILIZERS
रसायन और उर्वरक मंत्री तथा इस्पात मंत्री (श्री रामविलास पासवान) : अध्यक्ष महोदय, मैं निम्नलखित वक्तव्य *सभा पटल पर रखता हूं –
मैं माननीय अध्यक्ष, लोक सभा द्वारा दिनांक ०१ सितम्बर, २००४ को लोक सभा बुलेटिन के भाग-॥ के अंतर्गत जारी निर्देश ७३-क के अनुसरण में रसायन और उर्वरक संबंधी संसदीय स्थायी समति के दूसरे प्रतिवेदन में की गयी सिफारिशों के कार्यान्वयन की स्थिति के संबंध में वक्तव्य दे रहा हूं।
रसायन और उर्वरक संबंधी स्थायी समति ने वर्ष २००४-०५ के लिए उर्वरक विभाग की अनुदान मांगों की जांच की और लोक सभा और राज्य सभा में दूसरा प्रतिवेदन दिनांक २० अगस्त, २००४ को प्रस्तुत किया। प्रतिवेदन में २२ सिफारिशें की गयी हैं। ये सिफारिशें निम्नलखित से संबंधित है।
१.किसानों को राजसहायता का सीधे भुगतान करना।
२.उर्वरक उत्पादक इकाइयों के वित्त-पोषण पर नयी मूल्य-निर्धारण योजना का प्रभाव और इसका समाधान ढूंढना।
३.गैस/एलएनजी जैसे मुख्य फीडस्टाक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और नेफ्था/ईंधन तेल/एलएसएचएस संयंत्रों को गैस आधारित संयंत्रों में बदलना, एलएनजी के मूल्य को तर्कसंगत और प्रतिस्पर्धात्मक बनाना।
४.विगत ३ वर्षो की योजना अवधि के दौरान नियोजित परिव्ययों का उपयोग नहीं हो सका है जिसके परिणामस्वरूप नधियों का समग्र उपयोग पर्याप्त नहीं है और फलस्वरूप आर्थिक विकास नियोजित ढंग से नहीं हो पाता। बीवीएफसीएल-॥। परियोजना के कार्यान्वयन में हुए विलम्ब पर गंभीर टिप्पणी करते हुए समति ने सिफारिश की कि सभी बंद पड़े संयंत्रों को पुनर्जीवित करने की संभावनाओं की जांच की जाये। समति ने इच्छा जाहिर की कि उर्वरक विभाग को एमएफएल के लिए तृतीय और दीर्घावधि वित्तीय पुनर्गठन पैकेज को शीघ्र अंतिम रूप देने के लिए जोर शोर से प्रयास करने चाहिए। समति ने यह सिफारिश की कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए कि कृभको और आरसीएफ की अनुमोदित परियोजनाओं को १०वीं योजना के दौरान पूरा कर लिया जाये। समति ने ओमान-भारत संयुक्त उद्यम परियोजना (ओमिफ्को) में हुई प्रगति पर प्रसन्नता जाहिर की।
५.वर्ष २००४-०५ के लिए उर्वरक विभाग की १३२९४.१७ करोड रूपए की अनुदान मांगों, जिनमें से १२८२८.१७ करोड़ रूपए गैर-योजना नधियों के लिए हैं, का समर्थन करते हुए समति ने टिप्पणी की कि मंत्रालय को वर्ष के लिए स्वीकृत अपने बजट के अनुसार ही अपने व्यय को सीमित करने का प्रयास करना चाहिए।
*Statement was laid on the Table .(Placed in Library, See No. LT 2255/05)
६.समति ने सिफारिश की कि फॉस्फेटयुक्त उर्वरकों की खपत में संतुलित उर्वरण स्थिरता एक चिंता का विषय है। फॉस्फेटयुक्त और पोटाशयुक्त उर्वरक क्षेत्र के संबंध में पर्यावरण नीति सहित अन्य कारकों पर ध्यान दिया जाना चाहिए। इन उर्वरकों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता की कमी को दूर करने के लिए सरकार को देश के उन स्थानों पर अधिक संख्या में संयुक्त उद्यम की स्थापना को प्रोत्साहन देना चाहिए जहां कच्चा माल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। समति ने यह टिप्पणी भी की है कि विभाग को चाहिए कि नियंत्रणमुक्त उर्वरक क्षेत्र में नीति संबंधी अन्य मुद्दों जैसे मश्रित उर्वरकों और एस.एस.पी. के अधिकतम खुदरा मूल्य को अंतिम रूप दे।
७.समति ने अपनी ४१वीं और ४४वीं रिपोर्ट ( १३वीं लोक सभा) में की गयी सिफारिशों का स्मरण दिलाते हुए कहा कि राज्य सरकारों द्वारा बिक्री प्रमाण-पत्र जारी करने संबंधी समस्या से नियंत्रणमुक्त उर्वरकों की इकाइयों को रियायत का भुगतान करने में देर हो जाती है। इसलिए मौजूदा कार्यप्रणाली के स्थान पर उर्वरकों के आयात, उत्पादन और प्रेषण संबंधी आंकड़ों पर आधारित यथाशीघ्र नयी योजना शुरू करने के प्रयास किए जाने चाहिए।
मंत्रालय में समति की सभी सिफारिशों पर विचार किया गया है और कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गयी है। कुल २२ सिफारिशों/टिप्पणियों में से ८ सिफारिशे/टिप्पणियां अर्थात ४,५,६,७,१३,१४ और १५ सरकार द्वारा स्वीकार कर ली गयी हैं। ३ सिफारिशों/टिप्पणियों अर्थात ९,१२, और १८ के संबंध में सरकार द्वारा दिए गए उत्तर को देखते हुए समति इन पर आगे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती। समति को सिफारिश २ और ८ से संबंधित वास्तविक स्थिति दिनांक १५.३.०५ को उपलब्ध करायी जा चुकी है।
सिफारिशों/टिप्पणियों अर्थात १,३,१०,११,१६,१७,१९,२० और २२ के संबंध में की गयी कार्रवाई संबंधी उत्तर समति को ७ दिसम्बर, २००४ को भेज दिए गए हैं। इन पर की गयी कार्रवाइयों के संबंध में कोई टिप्पणी प्राप्त नहीं हुयी है।
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