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Regarding The Massacre Of 40 Sikhs By The Militants At … on 19 April, 2000

Lok Sabha Debates
Regarding The Massacre Of 40 Sikhs By The Militants At … on 19 April, 2000

Title: Regarding the massacre of 40 Sikhs by the militants at Chattisinghpura of Anantanag District, J&K on 25 March, 2000 and subsequent murder of three local citizens by the security force in a fake encounter.

श्री अली मोहम्मद नायक(अनंतनाग) : जनाबेवाला, मैं आपके तवस्सुद से इस ऐवान के सामने एक अहम बात लाना चाहता हूं और वह यह है कि २५ मार्च को अनन्तनाग जिले के चट्टीसिंहपुरा में मलिटैंट्स ने लगभग ४० सिखों को मारा। वहां एक इंसानियतसोज हरकत हुई जिससे सारे मुल्क में दुख की लहर दौड़ी। उसके बाद सिक्योरिटी फोर्सिज ने बहुत जल्दी ऐलान किया कि हमने पांच पाकिस्तानी मलिटैंट्स पकड़ लिए और उनको मार दिया। इस बात को टेलविजन में भी दिखाया गया। हमने भी देखा। आपने भी देखा होगा। बाद में पता चला कि वे लोकल आदमी थे जिन को फेक एनकाउंटर दिखा कर मारा गया।

13.00 hrs.

उसका नतीजा यह हुआ कि सारे अनंतनाग जिले में एक बहुत बड़ा जुलूस निकला जो यह मतालबा कर रहे थे कि हमें इन लोगों की शक्लें दिखाई जायें। फिर उन लोगों पर फायरिंग हुई जिसमें ८ आदमी मारे गये। यह ठीक है कि हमारी सिक्यूरिटी फोर्सेज़ को अपने लोगों को ,चाहे वह मुसलमान हो, चाहे हिन्दू हो, नहीं मारना चाहिये। जब वहां सिक्ख भाई मारे गये तो सारी गवर्नमेंट, पौलटिकल पार्टीज के लीडर्ज अनंतनाग गये लेकिन जब मुसलमान मारे गये तो एक भी लीडर वहां नहीं गया और न ही कोई स्टेटमेंट आया। हालांकि लोकल गवर्नमेंट ने पुलिस के उन अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। मैं हुकूमते हिन्दुस्तान से यह जानना चाहता हूं कि जिन आर्मी वालो ने यह कहा कि हमने पार के मलिटेंट्स को मारा है, तो उनके बारे में क्या एक्शन लिया जायेगा? हालांकि इन्क्वायरी कमीशन मुकर्रर हुआ है फिर भी मुझे इस बात का अफसोस है कि इस ऐवान में कई लोग अपने को सैकुलर कहते हैं लेकिन किसी भी शख्स ने इस बारे में आवाज नहीं उठायी। मैं हुकूमते हिन्दुस्तान से गुज़ारिश करूंगा कि वह सिक्यूरिटी फोर्सेज को सख्त हिदायत दे कि जो रियासते जम्मू कश्मीर के रहने वाले लोग हैं और जो वहां रहना चाहते हैं, उनके साथ किसी किस्म की ज्यादती न हो। यह ठीक है कि कुछ मलिटेंट्स मारे गये हैं जिसका कोई अफसोस नहीं है लेकिन जो नार्मल सिटीज़न्स हैं, उनकी सिक्यूरिटी की जिम्मेदारी खुद हुकूमते हिन्दुस्तान की है। लिहाज़ा सिक्यूरिटी फोर्सेज को सख्त हिदायत जारी करें कि वे हमारे लोगों के लिये मजीद मुश्किलात पैदा न करें। शुक्रिया।