Judgements

Regarding Threat Posed Due To Increasing Chinese Activities Along … on 9 November, 2010

Lok Sabha Debates
Regarding Threat Posed Due To Increasing Chinese Activities Along … on 9 November, 2010


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Title: Regarding threat posed due to increasing Chinese activities along bordering States of Uttarakhand, Himachal Pradesh, Arunachal Pradesh, Leh and Laddakh.

श्री मुलायम सिंह यादव (मैनपुरी):माननीय अध्यक्ष महोदय, आपका बहुत बहुत धन्यवाद कि आपने देश की सुरक्षा के प्रश्न को समझा और मुझे इस पर बोलने का अवसर दिया। हमारी जानकारी है और मैं सदन को सूचना देना चाहता हूँ कि चीन बहुत जल्दी हिन्दुस्तान पर हमला करने वाला है। चीन ने 1962 में भी जब भारत पर आक्रमण किया था तो उस समय लाखों वर्ग किलोमीटर ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया था। चीन ऐसे ही बातचीत करता रहता है। मैं खुलेआम कह सकता हूँ कि चीन जितना …*चीन अब भी हिन्दुस्तान से और प्रधान मंत्री जी से बात कर रहा है। दूसरी तरफ अपनी तैयारी पूरी कर रहा है। मैं यह सूचना दे रहा हूँ कि चीन कभी भी हमला कर सकता है, बल्कि कर देगा। उसने साफ कह दिया है कि अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख से लेकर अन्य और भी जो सूबे हैं, उन पूरे के पूरे सूबों के लिए चीन कह रहा है कि वह उनके हैं। इसी तरह से पहले भी उसने कहा था। मैं उस समय का ज़िक्र इसलिए कर रहा हूँ कि यहाँ और लोग तो नहीं जानेंगे, लेकिन अटल जी होते तो सदन में इस मामले पर सवाल उठाते। अब तो कोई नहीं रहा जो इस सवाल को उठाए। उस वक्त अटल जी ने इस बात को माना था, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने माना था कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने जो बात कही 1950 में, वह बात सच हो सकती है। 1950 में उन्होंने कहा था कि चीन हमला करेगा। जब चाउ एन लाइ यहाँ आए तो हम तो उस समय बच्चे थे, पढ़ते थे। हमने देखा क्या स्वागत हुआ उनका! और वह टेढ़ी निगाह करके देख गए कि यहाँ क्या सुरक्षा है, कैसे हम हमला कर सकते हैं। यहाँ से वापस जाकर उसने हमला कर दिया। चीन ने हमारी लाखों वर्ग किलोमीटर ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया और सरकार ने उस कब्ज़ा की हुई ज़मीन को कभी वापस लेने की कोशिश भी नहीं की, कभी उसका ज़िक्र भी नहीं किया। पुनः जो मैंने आपको सूबे बताए थे कि अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और लद्दाख तथा उससे लगे हुए जितने प्रदेश हैं, वे सब के सब चीन ने अपने नक्शे में बना लिये हैं। नक्शा बनाना तो दूर रहा, तैयारी कर ली है। पुनः हम सदन को और सरकार को सूचना देना चाहते हैं। प्रधान मंत्री को देश के इन सवालों पर कोई मतलब नहीं है, यह मेरा आरोप है। इसलिए मैंने माननीय सोनिया जी की तरफ इशारा किया था कि मैं सच्चाई से कह रहा हूँ कि कभी भी चीन हमला कर सकता है और चीन हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका है, पूरी सड़कें बना चुका है। हमने रक्षा मंत्री हो कर जितनी सड़कें बनाई थीं, उन सड़कों पर आज तक काम पूरा नहीं हुआ। अफसोस इस बात का है कि इनकी सरकार आई तो इन्होंने भी नहीं किया। आप मौके पर जाकर देखिये क्योंकि हमें अहसास था कि हमला हो सकता है इसलिए हमने सड़कें बनाना शुरू कर दिया था। जितनी सड़कें हमारे समय में बन गई थीं, ज्यों की त्यों उतनी ही हैं, बल्कि उनकी हालत और खराब  हो गई।  

          मैं सरकार से जानना चाहूंगा कि हमने जो सड़कें बनानी शुरू की थीं, उन सड़कों पर काम क्यों नहीं किया गया और सड़कें क्यों नहीं बनायी गईं? चीन ने उस समय तक एक भी सड़क नहीं बनायी थी। उसके दिमाग में भी यह बात नहीं आयी। लेकिन अब एकदम उसने सड़कें बनानी शुरू कर दीं और वह पूरी सड़कें बना चुका है। चार, छः, आठ लेन तक की सड़कें बना चुका है और हमला करने की पूरी तैयारी है। सेना का सेनापति खुलेआम देश के सामने कहता है, उसकी बात पर भी ध्यान नहीं दिया गया। मुझे खबर है कि मीटिंग होती है, उसमें सेना के सेनापति और आफिसर कहते हैं, लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक न तो कोई कार्रवाई की गई है, न उसको सुना गया है और न इस बारे में कोई पहल की गई है, जबकि वह देश पर कब्जा करने जा रहा है। मैं सूचना दे रहा हूं कि हर मीटिंग में रक्षा मंत्री, होम मिनिस्टर और वित्त मंत्री भी रहते हैं। ये कहें कि क्या सेना के अधिकारियों ने सूचना नहीं दी है? क्या सेनापति ने देश के सामने खुलेआम बयान नहीं दिया है कि चीन हमला करने जा रहा है? लेकिन उसके बादे भी कुछ नहीं हुआ है। इसलिए आज देश के सामने खतरा है कि चीन हमला करेगा। हम बता रहे हैं कि चीन ने पहले भी कब्जा किया है और फिर कब्जा करना चाहता है। इसलिए हम चाहते हैं कि आज का सारा कामकाज बंद करके इस पर चर्चा करवायी जाए। यह चर्चा एक दिन में नहीं हो पाएगी, यदि सभी लोग अपनी राय देना चाहें। हम चाहते हैं कि इस पर आज तत्काल चर्चा शुरू करवायी जाए और कल भी इस पर चर्चा हो, यही मेरी करबद्ध प्रार्थना है। ऐसा महत्वपूर्ण मुद्दा आपके सामने नहीं आया है, जब से आप इस कुर्सी पर बैठी हैं और शायद आगे भी नहीं आएगा। इसलिए आप इस मुद्दे को महत्व दें। आपसे मुझे उम्मीद है, आपसे मुझे आशा है कि आप इस मुद्दे पर बहस कराना शुरू करेंगी। सरकार बताए कि जो सड़कें हमने बनानी शुरू की थीं, उन सड़कों को क्यों नहीं बनाया गया? इसका जवाब हम जरूर चाहते हैं। हमें इस बात का एहसास था कि चीन कभी भी हमला कर सकता है। जॉर्ज साहब ने और हमने स्वयं इस बात को कहा था और आज फिर से दोहराना चाहता हूं कि चीन   ……*  है। यदि चीन पर बातचीत के जरिए विश्वास किया, तो मैं नेता सदन से कहना चाहता हूं कि आप धोखा खाएंगे। चीन एक  …… * देश है, वह बातचीत करता है, हमला भी करता है और जमीन पर कब्जा कर रहा है।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : यह शब्द एक्सपंज कर दीजिए।

श्री मुलायम सिंह यादव : मैंने आपके माध्यम से सदन को सूचना दी थी कि चीन एक-एक इंच जमीन पर रोजाना कब्जा कर रहा है। लेकिन अभी तक उसका जवाब नहीं आया है, क्यों नहीं आया है? आप सदन को बताएं कि आपने अभी तक क्या किया है? यदि नहीं किया है, तो क्यों नहीं किया है? मैं पूरे सदन से अपील करना चाहता हूं क्योंकि यह सवाल केवल हमारे दल का ही नहीं है। हम कांग्रेस पार्टी के देशभक्त सदस्यों से भी अपील करना करेंगे, सबसे अपील करेंगे कि इस मामले पर एक दिन की अलग से बहस हो। हम चाहते हैं कि आज सारा कामकाज बंद करके, आज नहीं तो आगे एक या दो दिन की चर्चा करवायी जाए, क्योंकि यह देश का सवाल है। यही मेरी आपसे अपील है।

श्री विष्णु पद राय (अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह): अध्यक्ष महोदया, मैं माननीय सदस्य की बात से पूरी तरह से सहमंत हूं, क्योंकि हमारे यहां के कोको आईलैंड के लिए चीन की मौजूदगी एक खतरा है।…( व्यवधान)

SHRI BASU DEB ACHARIA (BANKURA):  Madam, there have been exposure of scams and scandals one after the other recently starting from the allocation of 2G spectrum and then … (Interruptions)

डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह (वैशाली):महोदया, आज तक क्या किया गया है? एक के बाद एक बराबर विवाद हो रहा है…( व्यवधान)

MADAM SPEAKER:  Nothing, except what Shri Basu Deb Acharia is saying, will go on record.

(Interruptions) …*

श्री शैलेन्द्र कुमार (कौशाम्बी):महोदया, सरकार की तरफ से जवाब आना चाहिए।…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : आप लोग बैठ जाइए।

…( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदया : आप लोग बैठ जाइए, मंत्री जी जवाब दे रहे हैं।

 

संसदीय कार्य मंत्री और जल संसाधन मंत्री (श्री पवन कुमार बंसल):  महोदया, माननीय मुलायम सिंह यादव जी ने जो चिंता व्यक्त की है, मैं उसकी सूचना माननीय रक्षा मंत्री को दे दूंगा। यहां जो कहा गया है, उससे मैं उन्हें अवगत करवा दूंगा। उसके बाद आप जैसा ठीक समझें कि किस शक्ल में क्या चर्चा होनी चाहिए, यह देखते हुए कि हमारे ताल्लुकात उनके साथ कैसे हैं? इस बात को देखते हुए, आप जैसा तय करेंगी, सरकार उसको मान लेगी।…( व्यवधान)

श्री मुलायम सिंह यादव: नेता सदन हमें आश्वस्त करें तो मैं उनकी बात को मान लूंगा।…( व्यवधान) मैंने उस वक्त भी कहा और इससे पहले भी मैं कह चुका हूं कि अगर नेता सदन यहां कहें तो मैं उनकी बात मानने के लिए तैयार हूं।…( व्यवधान)

MADAM SPEAKER:  Nothing will go on record except what Shri Acharia is saying.

(Interruptions) …*

SHRI BASU DEB ACHARIA :  Madam, there has been exposure of scam and scandal one after another starting from 2G spectrum, then Commonwealth Games scandal… (Interruptions)

 

THE MINISTER OF FINANCE (SHRI PRANAB MUKHERJEE):  We will discuss this issue.  He has already told it.… (Interruptions)

श्री मुलायम सिंह यादव : आप मुस्करा कर बोला करें।…( व्यवधान)