Judgements

Reported Incidents Of Death Of Labourers Due To Explosion In Steel … on 22 August, 2005

Lok Sabha Debates
Reported Incidents Of Death Of Labourers Due To Explosion In Steel … on 22 August, 2005


>

Title : Reported incidents of death of labourers due to explosion in Steel factories using imported scrap as raw material.

डॉ. करण सिंह यादव (अलवर) : महोदय, मेरे लोकसभा क्षेत्र अलवर के मालवीय इण्डस्टि्रयल एरिया में सिनर्जी स्टील फैक्टरी में १७ तारीख की सुबह एक विस्फोट में दो मजदूरों की मृत्यु हो गयी और लगभग एक दर्जन मजदूर अभी भी मौत से लड़ रहे हैं।इस फैक्टरी में स्क्रैप, जो लोहे का कबाड़ होता है, को गलाकर लोहे की शीट बनाई जाती है। ऐसी आशंका है कि यह सस्ता स्क्रैप विदेशों से आयात किया जाता है, जिसमें कई बार लाइव बम और दूसरे विस्फोटक पदार्थ आ जाते हैं।इससे पूर्व भी इस तरह की घटनाएं हुई हैं और इस बार भी यह विस्फोट इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज काफी दूर तक सुनी गयी और विस्फोटक पदार्थ फैक्टरी की दीवार तोड़कर बाहर तक आए।यद्यपि भारत सरकार ने इसके बारे में नियम बनाए हुए हैं कि इस तरह के स्क्रैप की पूरी तरह जांच के पश्चात ही फैक्टरी में लाया जाना चाहिए।लेकिन फैक्टरी के मालिकों ने मजदूरों के साथ यह खिलवाड़ किया है जिसकी वजह से इतने सारे लोगों की जानें गयीं। मैं आपका ध्यान इसी तरह की एक और घटना की ओर आकर्षित करना चाहता हूॅ। लगभग दो माह पूर्व इसी तरह का विस्फोट शशि फाइटो-कैमिकल कंपनी में हुआ था, जिसमें दो मजदूर मारे गए थे।मैं इतनी देर रात को सदन का ध्यान इस विषय की ओर आकर्षित करना चाहता हूँद्ध१२०ट।

भारत में विदेशों से आयातित जो स्क्रैप कंटेनर्स में आ रहा है, क्या उसकी जांच हो रही है और उसके लिए जो प्रिकॉशन एवम् प्रिवेंटिव मैजर्स लेने चाहिए, क्या वे मजदूरों के हितों में लिए जा रहे हैं? इसके अलावा मैं भारत सरकार से यह भी जानना चाहता हूं कि फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों के लिए क्या इंशोरेंस का प्रावधान है या नहीं और क्या श्रम कानूनों की पालना हो रही है या नहीं? मैं इन सब चीजों की ओर सरकार का ध्यान दिलाना चाहता हूं।

 

MR. DEPUTY-SPEAKER: The House stands adjourned to meet tomorrow, the 23rd August, 2005 at 1100 a.m.

 

23.10 hrs. The Lok Sabha then adjourned till Eleven of the Clock

on Tuesday, August 23, 2005/Bhadrapada 1, 1927 (saka).

 

____________________