Title: Requested to set up a bench of Allahabad High Court at Agra.
श्री रामजीलाल सुमन (फिरोजाबाद) : सभापति महोदय उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद उच्च न्यायालय में मुकदमों का अत्यधिक बोझ है। जजों की कमी है और वाद कार्यों की परेशानी बढ़ रही है। इस समय इलाहाबाद हाई कोर्ट में लगभग साढ़े आठ लाख मुकदमे लंबित हैं। इन विवादों का निस्तारण करने के लिए शताब्दियां लग जाएंगी। इस बोझ के चलते १४ मार्च, १९८१ को उत्तर प्रदेश सरकार ने भारत सरकार से अनुरोध किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की बैंच हो। कहां स्थापित हो, इसके लिए भारत सरकार एक कमीशन का गठन करे। ४ सितम्बर, १९८१ को भारत सरकार ने जस्टिस जसवंत सिंह की देख-रेख में जसवंत सिंह कमीशन गठित किया और सभी संभावनाओं का पता लगाने के बाद जसवंत सिंह कमीशन ने, अपनी रिपोर्ट दी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की बैंच के लिए आगरा सबसे उपयुक्त स्थान है।
कमीशन ने कहा :
“Taking into consideration the totality of the conditions and circumstances peculiar to Agra, we find ourselves impelled to agree with the aforesaid views of the eminent judges and others that Agra would be a suitable place for the location of the Bench. ”
इतना समय व्यतीत हो जाने के बावजूद भी १९८६ में इस सदन के पटल पर यह रिपोर्ट रखी गई है। न सिर्फ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, बल्कि हिन्दुस्तान के वभिन्न प्रान्तों में काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए, न्याय को सस्ता और सुलभ बनाने के लिए लोग बराबर मांग करते रहते हैं। मध्य प्रदेश का हाई कोर्ट जबलपुर में है। लोग चाहते थे कि रायपुर में एक बेंच बने, लेकिन छत्तीसगढ़ अलग राज्य बनने की वजह से अब यह बिलासपुर में बन जायेगी। तमिलनाडू में हाईकोर्ट चेन्नई में है, वहां भी बराबर मांग थी। वहां अब मदुरै में बिल्िंडग बन गई है और हाईकोर्ट की बेंच बनने वाली है। …( व्यवधान) àÉé +ÉÉvÉä ÉÊàÉxÉ] àÉå JÉiàÉ BÉE® ®cÉ cÚÆ* ªÉc +ÉiªÉÉÊvÉBÉE MÉà£ÉÉÒ® àÉÉàÉãÉÉ cè*
ºÉ£ÉÉ{ÉÉÊiÉ àÉcÉänªÉ : आप क्या चाहते हैं?
श्री रामजीलाल सुमन : यह सबसे महत्वपूर्ण मामला है। २६ तारीख से मेरठ और आगरा में वहां के वकीलों ने काम करना बन्द कर दिया है।…( व्यवधान) ÉÊàÉ. £ÉbÉxÉÉ, àÉä®~ àÉå cÉ<ÇBÉEÉä]Ç BÉEÉÒ ¤ÉåSÉ ¤ÉxÉ VÉɪÉä, <ºÉºÉä àÉÖZÉä BÉEÉä<Ç ÉʶÉBÉEɪÉiÉ xÉcÉÓ cè* àÉé iÉÉä SÉÉciÉÉ cÚÆ ÉÊBÉE c® ÉÊVÉãÉä àÉå ¤ÉxÉ VÉɪÉä* ãÉäÉÊBÉExÉ ªÉc VɺɴÉxiÉ É˺Éc BÉEàÉÉÒ¶ÉxÉ BÉEÉÒ ÉÊ®{ÉÉä]Ç cè, ÉÊVɺÉàÉå +ÉÉMÉ®É BÉEÉä ¤ÉåSÉ BÉEä ÉÊãÉA ºÉ¤ÉºÉä ={ɪÉÖBÉDiÉ ºlÉÉxÉ àÉÉxÉÉ MɪÉÉ cè* àÉä®~ àÉå ºÉ®BÉEÉ® ¤ÉåSÉ ¤ÉxÉÉ nä iÉÉä àÉÖZÉä BÉEÉä<Ç ÉÊnBÉDBÉEiÉ xÉcÉÓ cè, ãÉäÉÊBÉExÉ +ÉÉMÉ®É ºÉ¤ÉºÉä ={ɪÉÖBÉDiÉ ºlÉÉxÉ cè* =kÉ® |Énä¶É BÉEä àÉÖJªÉàÉÆjÉÉÒ xÉä <ºÉ ÉÊ´É´ÉÉn BÉEÉä +ÉÉè® ¤ÉfÉ ÉÊnªÉÉ cè* ´Éä àÉä®~ MɪÉä iÉÉä ´ÉcÉÆ BÉEc ÉÊnªÉÉ ÉÊBÉE +ÉÉ{ÉBÉEä ªÉcÉÆ ¤ÉåSÉ ¤ÉxÉxÉÉÒ SÉÉÉÊcA +ÉÉè® +ÉÉMÉ®É MɪÉä iÉÉä ´ÉBÉEÉÒãÉÉå ºÉä BÉEc ÉÊnªÉÉ ÉÊBÉE àÉä®ä àÉxÉ BÉEÉÒ ¤ÉÉiÉ +ÉÉ{É BÉEc ®cä cé* ªÉc ¤ÉcÖiÉ MÉà£ÉÉÒ® àÉÉàÉãÉÉ cè* 26 iÉÉ®ÉÒJÉ ºÉä ¤É®É¤É® àÉä®~ +ÉÉè® +ÉÉMÉ®É BÉEä xªÉɪÉÉãɪÉÉå BÉEÉ BÉEÉàÉBÉEÉVÉ ~{{É cè, <ºÉÉÊãÉA àÉé SÉÉciÉÉ cÚÆ ÉÊBÉE <ãÉÉcɤÉÉn cÉ<ÇBÉEÉä]Ç BÉEÉÒ JÉhb{ÉÉÒ~ +ÉÉMÉ®É àÉå ºlÉÉÉÊ{ÉiÉ cÉä*…( व्यवधान)
सभापति महोदय : सभी को बोलने का मौका मिलेगा।