Title : Resolution regarding grant of special economic package for the speedy completion of construction of National highway and railway lines in Keonjhar and Sundargarh districts in Orissa. (Not concluded)
श्री जुएल ओराम महोदय, मैं प्रस्ताव करता हूं :
“कि यह सभा सरकार से निम्नलखित के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के लिए
विशेष आर्थिक पैकेज देने की सिफारिश करती है:-
(i)पनीकोइली और राजामुंडा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग सं० २१५;
(ii) बोंरपाल और रांची के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग सं० २३; और
(iii) तालचेर से बिमलागढ़ और दैतारी से बांसपानी तक रेल मार्ग
ताकि उड़ीसा राज्य में क्योंझर और सुंदरगढ़ जिले के भीतरी क्षेत्रों
से पारादीप पत्तन तक खनिजों की आवाजाही को सुकर बनाया
जा सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो सके ”
सभापति महोदय :संकल्प प्रस्तुत हुआ :
“कि यह सभा सरकार से निम्नलखित के निर्माण को शीघ्र पूरा करने के लिए
विशेष आर्थिक पैकेज देने की सिफारिश करती है:-
(i)पनीकोइली और राजामुंडा के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग सं० २१५;
(ii) बोंरपाल और रांची के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग सं० २३; और
(iii) तालचेर से बिमलागढ़ और दैतारी से बांसपानी तक रेल मार्ग
ताकि उड़ीसा राज्य में क्योंझर और सुंदरगढ़ जिले के भीतरी क्षेत्रों
से पारादीप पत्तन तक खनिजों की आवाजाही को सुकर बनाया
जा सके और क्षेत्र का समग्र विकास हो सके ”
श्री जुएल ओराम : महोदय, मैं दो नेशनल हाईवे और दो रेलवे लाइनों के बारे में सरकार का ध्यान आकर्षित करके, इनका समाधान चाहता हूं। पहले मैं इन दोनों नेशनल हाईवे और दोनों रेलवे लाइनों की विशेष स्थिति के बारे में बताना चाहता हूं। अगर एक दिन में करीब १५ हजार ट्रक, कमर्शियल वाहन हाईवे पर चलते हैं तो उस हाईवे की स्थिति कैसी होगी[i57] ?
माननीय सभापति जी, अगर कोई एक्सीडेंट हो जाता है, तो चार-पांच दिन तक ब्लॉकेड हो जाता है। नैशनल हाइवे को दुरुस्त करने के लिए, उसे खाली करने के लिए और चालू करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ता है। दोनों जिलों के एस.पी. सुबह उठकर डेली वायरलैस पर मैसेज देते हैं कि नैशनल हाइवे चालू है कि नहीं। उन पर हुए एक्सीडेंट्स में कितने लोगों की जानें गईं, इसका पता नहीं है। आयरन ओर, मैगनीज ओर तथा कोयले के मार्केट रेट बढ़ने, उनकी मांग ज्यादा होने के कारण, इन दोनों मार्गों पर आवागमन बहुत बढ़ गया है। उड़ीसा के दोनों जिले, सुंगरगढ़ और क्योंझर, खानों से भरपूर हैं। वहां मैंगनीज और कोयले की खदानें प्रचुर मात्रा में हैं।
सभापति जी, उन नैशनल हाइवे का आकलन मैं बताता हूं। प्रति दिन उनसे १७ हजार ट्रकों का आवागमन होता है। सरकार ने जो आंकड़े दिए हैं, उनके अनुसार नैशनल हाइवे नंबर २१५ की क्या स्थिति है, वह मैं आपको बताता हूं। नैशनल हाइवे नंबर २१५ – कुल किलोमीटर २६९, इसमें से सिंगल लेन १४३ किलोमीटर, इंटरमीडिएट लेन १११.७ किलोमीटर और डबल लेन १४.३ किलोमीटर। दूसरा नैशनल हाइवे नं. २३ – रांची और झारखंड एरिया को छोड़कर, उड़ीसा राज्य में कुल रनिंग एरिया २०९.२ किलोमीटर, सिंगल लेन २७.३ किलोमीटर, इंटरमीडिएट लेन १९.७ किलोमीटर, डबल लेन १३९.१०८ किलोमीटर और मिसिंग लिंक यानी नॉट मोटरेबल २३ किलोमीटर। ऐसा देश में और दूसरा कोई भी नैशनल हाइवे नहीं होगा, जो मोटरेबल न हो और जिस पर चला न जा सके।
सभापति जी, अभी ये दोनों नैशनल हाइवे आलमोस्ट कोलैप्स्ड हैं। इनमें से एक नैशनल हाइवे का बाईपास, अर्थात् स्टेट हाइवे से गाड़ियों का आवागमन हो रहा है। माननीय मंत्री जी यहां उपस्थित हैं। मैं एक बार इनसे मिला था और तब भी मैंने आग्रह किया था कि आप मेरा काम करेंगे या नहीं, यह तो मुझे नहीं मालूम, लेकिन मेरी एक प्रार्थना इतनी जरूर स्वीकार करें कि एक बार इस नैशनल हाइवे पर आप भुवनेश्वर से निकल कर, नैशनल हाइवे नंबर २३ पर चल कर, हाइवे नंबर ४२ को लेकर आप आ सकते हैं, और फिर नैशनल हाइवे २१५, जहां जाइंट हो रहा है, वहां से आप भुवनेश्वर का एक लाउंड लेकर आइए – तब आपको पता चलेगा कि उसकी कितनी दुर्दशा है। आज भी मैं आपसे यही निवेदन कर रहा हूं। मेरे पास उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी है। उस पर पैदल चलने की स्थिति भी नहीं है। अगर मंत्री जी के पास समय हो, तो मैं उसे दिखाने के लिए तैयार हूं। उस पर दिन में कॉमर्शियल विहीकलों का चलना बन्द कर दिया जाता है, दिन में सिर्फ बस और जीप चलने दी जाती हैं और रात को कामर्शियल विहीकल्स अलाऊ करते हैं।
सभापति जी, अगर पारादीप पोर्ट को सामान पहुंचना है, तो बहुत तकलीफ होती है। वैसे वहां दो रेलवे लिंक्स भी हैं। वे १९६९ में …( व्यवधान) हां, जब मैं मंत्री था, तब हम लोगों ने नैशनल हाइवे डिक्लेयर किए और पैसा दिया। …( व्यवधान)
सभापति महोदय : जुएल ओराम जी, आप चेयर को एड्रेस कीजिए।
श्री जुएल ओराम : सर, अगर ऐसी बातें शुरू होगी, तो ठीक नहीं है। कांग्रेस सरकार ३० साल तक नैशनल हाइवे डिक्लेयर नहीं कर पाई थी। हमारी सरकार आने के बाद हमने उन्हें नैशनल हाइवे डिक्लेयर किया, पैसा दिया और कुछ काम भी हुआ। …( व्यवधान)
सभापति महोदय : जुएल ओराम जी, आप चेयर को एड्रैस करिए। आपको दूसरों का रिप्लाई देने की जरूरत नहीं है।
श्री जुएल ओराम : सभापति जी, सरकार किस की आती है, किस की नहीं, यह अलग बात है, लेकिन हमारी सरकार के समय हमने दोनों को नैशनल हाइवे डिक्लेयर किया, पैसा दिया और कुछ डबल लेन का काम भी हुआ।
सभापति जी, मैं माननीय मंत्री जी से दख्र्वास्त करता हूं कि इन दोनों नैशनल हाइवे को चार लेन का किया जाए और स्पेशल पैकेज दिया जाए। इसके साथ-साथ नैशनल हाइवे नंबर २१५ का आवागमन, जो स्टेट हाइवे पर शंटिंग कर रहा है – कोइरा टू कलईपुर वाया टैंसा बरसवां, जिसकी लम्बाई ४५ किलोमीटर है, उसे नैशनल हाइवे नंबर २१५-ए डिक्लेयर कियाजाए[rpm58] ।
You must declare the road connecting to National Highway 215 as National Highway 215-A. Now all the commercial vehicles, trucks, etc. are moving through that road. Your National Highway 215 is closed. नेशनल हाईवे २१५ क्लोज़्ड है।…( व्यवधान)
MR. CHAIRMAN : Shri Jual Oram, you can continue your speech the next time. We will now take up Item No. 47 – Introduction of Bills.
SHRI B. MAHTAB (CUTTACK): Sir, I have a request to make. At least the next time, somebody from the Ministry of Railways should be present here. The matter concerns both National Highways and Railways. … (Interruptions)
सभापति महोदय : अगली बार निर्धारित दिन पर आप कंटीन्यू कर सकेंगे।