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Title: Deteriorating law and order situation in Uttar Pradesh and other parts of the country.
श्री जगदम्बिका पाल (डुमरियागंज): अध्यक्ष महोदया, मैं सम्मानित सदन का ध्यान बहुत ही महत्वपूर्ण घटना की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं। मेरे पूर्व श्री रामकिशुन जी ने भी गिरती हुई कानून व्यवस्था के संबंध में प्रश्न सम्मानित सदन के समक्ष रखा है। प्रायः यह देखने में आया है कि पुलिस कस्टडी में लोगों की मौत हुई है, लेकिन मैं जिस घटना का उल्लेख कर रहा हूं, शायद जिनके हाथों में कानून व्यवस्था की हिफाजत करने की जिम्मेदारी है, जिन्हें समझा जाता है कि इंसानियत के रूप में लोगों के सौहार्द्र की रक्षा करेंगे, आज उन्हीं के अंदर इंसानियत की जगह हैवानियत के रूप के कारण उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति बन रही है कि आज पुलिस कस्टडी की बात छोड़िए, कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर की अदालत में…( व्यवधान)
श्री दारा सिंह चौहान (घोसी): महोदया, माननीय सदस्य को दिल्ली की कानून व्यवस्था नज़र नहीं आ रही है। यहां एक हफ्ते में 12 हत्याएं हुई हैं।…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : मैंने अभी कोई ऐसी बात नहीं कही है। मैं अपनी बात कह रहा हूं। श्री … * जो बस्ती में डिप्टी कलेक्टर हैं, पीसीएस हैं, उप-जिलाधिकारी हैं। …( व्यवधान) * उन्होंने अपनी अदालत में पीट-पीट कर मार दिया। …( व्यवधान)
MADAM SPEAKER: Do not take the name. That will be expunged.
… (Interruptions)
श्री जगदम्बिका पाल : उनका दोष केवल इस बात का था कि उनके गांव में उस एसडीएम की रिश्तेदारी थी और उस रिश्तेदार से उनका विवाद था। उस विवाद के कारण उन्होंने पुलिस से उत्पीड़न कराकर उनकी मोटरसाइकिल, उनकी गाड़ियों को सीज़ करा दिया था, जिन्हें रिलीज़ कराने के लिए उनकी अदालत में आए थे और सुलह के लिए दबाव डाल रहे थे। वह कह रहे थे कि उनकी गाड़ी रिलीज़ कर दीजिए। उनके बाल को पकड़ कर अपनी अदालत में ही दीवार से मारा। इससे उनका ब्रेन हैम्रेज हुआ। इसके बाद भी उनके मन को संतोष नहीं मिला और उनकी इतनी पिटाई की कि उनकी मौत हो गई। यह बहुत बड़ी घटना है।…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदया : आपने अपनी बात कह दी है। अब आप बैठ जाएं।
…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : महोदया, यह बहुत बड़ी घटना है।…( व्यवधान)
अध्यक्ष महोदया : आप केंद्र सरकार से क्या चाहते हैं?
…( व्यवधान)
श्री जगदम्बिका पाल : उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार के मंत्री भी सुरक्षित नहीं हैं। इलाहाबाद में जिस तरह से नंदी गुप्ता जी के ऊपर जानलेवा हमला हुआ, अगर उत्तर प्रदेश में सरकार का मंत्री सुरक्षित नहीं है, तो आम आदमी क्या सुरक्षित रहेगा।…( व्यवधान)
MADAM SPEAKER: The House stands adjourned to meet again at 2 p.m.
13.04 hrs.
The Lok Sabha then adjourned for Lunch till Fourteen of the Clock.
14.03 hrs.
The Lok Sabha re-assembled after Lunch at Three Minutes past
Fourteen of the Clock.
( Mr. Deputy-Speaker in the Chair)