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Title : Issue regarding problems being faced by the people engaged in poultry business in various States of the Country.
श्री अविनाश राय खन्ना (होशियारपुर) : अध्यक्ष जी, मैं आपके माध्यम से केन्द्र सरकार का ध्यान उन लोगों की तकलीफों की ओर दिलाना चाहता हूं जिन्होंने पोल्ट्री-फार्म को एक बिजनैस के रूप में अडॉप्ट किया है। जिन्होंने फार्मिंग में बहुत अच्छा पैसा कमाया लेकिन फार्मिंग छोड़कर पोल्ट्री के बिजनैस में चले गये। जब उन्हें महाराष्ट्र के बर्ड-फ्लू का समाचार मिला तो उन्हें पोल्ट्री से नुकसान हुआ। जो लोग पंजाब से अपना माल जम्मू-कश्मीर भेजते थे लेकिन जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिना बताए, बिना नोटिस जारी किये पोल्ट्री के आइटम्स पर बैन लगा दिया, जिसके कारण हजारों की संख्या में ट्रक बॉर्डर पर खड़े हुए हैं। लोगों को बरसात में वहां धरना देना पड़ा, नारेबाजी करनी पड़ी। तब जाकर सरकार ने थोड़े समय के लिए बैन को उठाया। मेरा कहना यह है कि अगर सभी राज्य सरकारें ऐसा करने लगे और जिस मर्जी आइटम को बैन करने लगेंगी तो अराजकता फैल जाएगी। अगर सरकार ने पोल्ट्री-फार्म की ओर ध्यान नहीं दिया तो जिस तरह से किसान लोग आज आत्महत्याएं कर रहे हैं उसी तरह से ये लोग भी आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाएंगे। जम्मू-कश्मीर सरकार के इस निर्णय से इस बिजनैस को बहुत बड़ा धक्का लगा है। उन्होंने दो रुपया एक बर्ड पर टैक्स लगा दिया। एक ट्रक के ऊपर कम से कम ६-७ हजार रुपये टैक्स लगने से पैनिक है, बेचैनी है। मैं सरकार से निवेदन करना चाहता हूं कि जैसे किसानों को रियायतें दी जाती हैं, इस बिजनैस को बढ़ावा देने के लिए कुछ रियायतें दी जाएं, ताकि लोगों को राहत मिले। यह बिजनैस करोड़ों लोगों को रोजगार देता है। अगर रियायतें मिलेंगी तो लोग अपना बिजनैस अच्छी तरह से कर सकेंगे।