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Issue Regarding The Resettlement Bill Of J & K State. on 28 November, 2001

Lok Sabha Debates
Issue Regarding The Resettlement Bill Of J & K State. on 28 November, 2001

12.17 hrs.

Title: Issue regarding the Resettlement Bill of J & K State.

श्री मदन लाल खुराना

(दिल्ली सदर): अध्यक्ष जी, आज श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कुशल नेतृत्व में हमारी सरकार आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और हमारे देश की जनता एकजुट है। जम्मू कश्मीर में १९८२ में जो कानून पास हुआ जिसके कारण १९४७ में लोग पाकिस्तान चले गये थे, उनको फिर से वापस भारत लाने के लिये सुप्रीम कोर्ट के आर्डर के बाद का मुद्दा मैं आपके सामने रखना चाहता हूं।

अध्यक्ष जी, रीसैटलमेंट एक्ट, जे.एंड के. स्टेट, १९८२ के अनुसार १ मार्च, १९४७ के बाद जो लोग पाकिस्तान चले गये थे, अगर लिखकर दे दें तो स्थायी रूप से जम्मू कश्मीर में बसाये जा सकते हैं। यह भी कहा गया कि जो लोग प्रापर्टी छोड़कर गये, उन्हें मुआवजा मिलेगा। लगभग ५ लाख लोग उस समय पाकिस्तान से आये जो कश्मीर में बसे हुये हैं। उन लोगों को ५२ साल की आजादी के बाद पार्लियामेंट के चुनाव में वोटिंग का अधिकार है लेकिन असैम्बली के चुनाव में वोट देने का हक नहीं है। जब यह बिल पास हुआ तो तत्कालीन गवर्नर श्री बी.के. नेहरू ने यह बिल वापस कर दिया लेकिन यह फिर पास हुआ। उसी समय गवर्नर ने इस बिल के खिलाफ सैंट्रल गवर्नमेंट को लिखकर भेजा और कहा कि यह बिल असंवैधानिक है, माइग्रेशन का मामला सैंट्रल गवर्नमेंट के हाथ में है, इसमें राज्य सरकार तय नहीं कर सकती क्योंकि लोग दूसरे देश से यहां आये हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि अगर यह बिल लागू हो गया तो यहां आई.एस.आई. के लोग और आतंकवादी इसके अंदर आयेंगे। तत्पश्चात् यह मामला राष्ट्रपति जी ने सुप्रीम कोर्ट की राय लेने के लिये रैफर कर दिया-‘Whether it is a valid Bill or not’ हालांकि १९८२ में यह बिल स्थगित हो गया लेकिन ६ नवम्बर, २००१ को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहकर बिल फिर से वापस भेज दिया है कि चूंकि जम्मू कश्मीर में यह कानून बन गया है, हम कोई राय नहीं देंगे। इस समय जम्मू कश्मीर के स्पीकर और लॉ मनिस्टर ने कह दिया है चूंकि सुप्रीम कोर्ट ने कोई राय नहीं दी है, इसलिये यह कानून हम जम्मू कश्मीर में लागू करना चाहते हैं। यह बहुत सीरियस मैटर है। अगर यह कानून जम्मू कश्मीर में लागू हो गया तो वे लोग जिन्होंने ५२ साल से भारत के खिलाफ जंग लड़ी है, वे वापस आ सकते हैं। वे लोग आई.एस.आई. के लोग होंगे तो वापस आ सकते हैं।

एक तरह से हम टैरेरिस्ट्स को फिर से हिन्दुस्तान में आने का परमिट दे रहे हैं ।…( व्यवधान)

श्री चन्द्रशेखर (बलिया, उ.प्र.) : उस बिल को वहां लागू न करने का केन्द्र सरकार को अधिकार है ।

श्री मदन लाल खुराना: अध्यक्ष जी, यही मैं कहने जा रहा हूं …( व्यवधान)

श्री चन्द्रशेखर: केन्द्र सरकार क्यों नहीं कहती, आप यहां क्यों कह रहे हैं ।

श्री मदन लाल खुराना: अध्यक्ष जी, यही मैं कहने जा रहा हूं…( व्यवधान)

श्री प्रियरंजन दासमुंशी (रायगंज) : आपकी बात आडवाणी जी भी नहीं सुनते तो हम लोग क्या कर सकते हैं ।

श्री मदन लाल खुराना: आज जबकि हमारी सरकार क्रॉस बॉर्डर टैरेरिज्म के खिलाफ लड़ रही है, अगर यह बिल वहां लागू हो गया तो …( व्यवधान)मेरा भारत सरकार से अनुरोध है कि उसे राज्य सरकार को यह आदेश देना चाहिए कि वह इस एक्ट को खत्म करे और इसे सुप्रीम कोर्ट को इसी भावना के साथ भेजना चाहिए । यही मेरा निवेदन है ।

श्री मुलायम सिंह यादव (सम्भल): अध्यक्ष जी, यही खुराना जी अकेले आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे थे, यही कहते थे कि समय बता दो और जगह बता दो हम हमला करेंगे, अब देर क्या है । क्या आतंकवाद के खिलाफ यही अकेले लड़ रहे हैं ।

SHRI CHANDRA SHEKHAR : Mr. Speaker, Sir, this is the contradiction of the NDA Government. They should resolve the issue within themselves. Why do they waste the time of the House?

श्री मदन लाल खुराना: चंद्रशेखर जी, आप कैसी बात कह रहे हैं …( व्यवधान)

SHRI CHANDRA SHEKHAR : They want to keep Shri Farooq Abdullah in good humour; they want to run the Government with his support. They want to raise the issue of Hindus and those people who have been brought from there. … (Interruptions) That is the problem. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Shri Somnath Chatterjee. … (Interruptions)

SHRI SOMNATH CHATTERJEE(BOLPUR) : Sir, there is one very important matter of Manipur that I want to raise. … (Interruptions)

श्री बसुदेव आचार्य (बांकुरा): आपकी सरकार है, आप होम मनिस्टर को बोलिये…( व्यवधान)

श्री मोहन रावले (मुम्बई दक्षिण मध्य) : सर, क्या यह उसी मैटर पर बोल रहे हैं ।

अध्यक्ष महोदय : इनका एक और मैटर है ।

श्री मोहन रावले

: सर, यह बहुत महत्वपूर्ण विषय है । इस पर हम सरकार से जानना चाहते हैं कि केन्द्र सरकार क्या कर रही है ।…( व्यवधान)वहां कोई हिन्दू सरकार नहीं है । यदि कल को वहां पाकिस्तान द्वारा प्रशक्षित आई.एस.आई. के आदमी आ जायेंगे । इनका अलग मैटर है, पहले इस मैटर पर हम सरकार से जानना चाहते हैं …( व्यवधान)

अध्यक्ष महोदय : आप क्या कर रहे हैं, मैंने श्री सोमनाथ चटर्जी को बुलाया है, आप बैठिये ।

श्री मोहन रावले : सर, खुराना जी ने जो बातें यहां कहीं हैं, हम उनका समर्थन करना चाहते हैं ।

MR. SPEAKER: I have called Shri Somnath Chatterjee. … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Is there any reaction from the Government? … (Interruptions)

MR. SPEAKER: Please sit down. What is this? … (Interruptions)

MR. SPEAKER: I have already asked the Government; please sit down. … (Interruptions)

श्री मोहन रावले : पार्लियामेन्ट्री अफेयर्स मनिस्टर यहां बैठे हैं, आप उन्हें जवाब देने के लिए बोलिये । वहां पर बहुत बड़ा धमाका हो जायेगा । वहां एन्टी नेशनल एक्टीविटीज बढ़ जायेंगी…( व्यवधान)

: आप बैठ जाइये ।