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Need To Address The Problem Of Small And Medium Wheat Growers In Punjab … on 21 April, 2010

Lok Sabha Debates
Need To Address The Problem Of Small And Medium Wheat Growers In Punjab … on 21 April, 2010


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Title : Need to address the problem of small and medium wheat growers in Punjab and other parts of the country whose crops have been affected due to sudden heat wave.

श्री मनीष तिवारी (लुधियाना): अध्यक्ष महोदया, पिछले वर्ष दक्षिण-पश्चिमी मानसून के नाकाम होने से खरीफ की फसल को बहुत नुकसान पहुंचा था। इससे कृषि क्षेत्र का वृद्धि दर वर्ष 2004 से लेकर 2008 तक 4.4 प्रतिशत रहा था, वह वहां से गिरकर नेगेटिव में हो गया था। वह वृद्धि दर 0.4 परसेंट नेगेटिव में रहा था। इसके बावजूद पंजाब के किसानों ने डीजल का इस्तेमाल करके अपनी फसल को पाला और भारत की खाद्यान्न सुरक्षा की रक्षा की। उस बात की सराहना इस सदन में वित्त मंत्री और कृषि मंत्री जी ने भी की थी। इस वर्ष फिर रबी की फसल आई है, क्योंकि जो वातावरण बदल रहा है, इस वातावरण के बदलने से अत्याधिक गर्मी पड़ी। इससे उत्पादन में 20 प्रतिशत का नुकसान इस बार फिर से हो गया है। यह बहुत गंभीर विषय है कि पंजाब में प्रति एकड़ 21 क्विंटल कणक हुआ करती थी, वह गिरकर  15 से 16 क्विंटल रह गयी है और चौंतालिस सौ रूपए से पचपन सौ रूपए प्रति क्विंटल किसान को नुकसान हुआ है। पहले खरीफ की फसल की मार पड़ी, अब रबी की फसल की मार पड़ी है, इतनी मार पंजाब का किसान नहीं झेल सकता है। इसके बड़े दूरगामी परिणाम भारत की खाद्यान्न सुरक्षा पर पड़ेंगे।  मैं सरकार से अनुरोध करना चाहता हूं कि आप केन्द्र की एक टीम भेजिए, पंजाब, हरियाणा एवं अन्य बाकी हिस्सों में, जहां पर इस वातावरण से नुकसान हुआ है, असेस कराइए कि वहां पर कितना नुकसान हुआ है और तुंत उन किसानों को मुआवजा प्रदान कराइए क्योंकि ये किसान अपनी मेहनत से भारत की खाद्यान्न सुरक्षा की रक्षा करते हैं। आज हमारी जिम्मेदारी बनती है, उत्तरदायित्व बनता है कि जब उनके ऊपर प्राकृतिक आपदा पड़ी है, तो सरकार उनके साथ खड़ी दिखनी चाहिए।