श्री माधव राव सिंधिया :माननीय अध्यक्ष महोदय, पिछले कुछ दिनों में संसद में जो घटनाएं घटीं, उनका एक बुनियादी कारण था। अभी मदन लाल खुराना जी ने अपने विचार प्रस्तुत किये। जो बातें सदन में हुईं, उनमें विपक्षी दलों द्वारा पूर्ण एकता थी, वे एक सूत्र में बंधे हुए थे वह इसलिए हुआ कि जो कार्रवाई करने का प्रयत्न किया जा रहा था, वह ऐसी कार्रवाई थी जो संविधान को हिला देती, जिससे हमारी लोकतांत्रिक और पार्लियामेंट्री प्रणाली भी पूर्ण रूप से खतरे में पड़ सकती थी। यह हमारा मत था। इसलिए यह बुनियादी बात थी। …( व्यवधान)
MR. SPEAKER: What is this? Let us have patience.
… (Interruptions)
MR. SPEAKER: Should we run the House this way?
श्री माधव राव सिंधिया :हमने यह बुनियादी बात उठाई। जब तक कोई बुनियादी बात न हो तब तक हम गैर जिम्मेदार तरीके से यहां बर्ताव नहीं करेंगे यह हम विश्वास दिलाते हैं। कोई बुनियादी बात हो तो हम ऐसा करते हैं। मैं खुराना जी को याद दिलाना चाहता हूं कि जब आप लोग विपक्ष में बैठे हुए थे तो मारुति के मामले पर आपने लगभग २० दिन सदन को नहीं चलने दिया।
श्री मदन लाल खुराना : वह एक मुद्दा था।
श्री माधव राव सिंधिया : हमने बड़ी शांति से आपकी बात सुनी, अब मुझे भी बोलने दीजिए। २० दिन मारुति के मामले पर आपने सदन नहीं चलने दिया जो बुनियादी लोकतांत्रिक प्रणाली वाला या संविधान वाला मामला नहीं था। १८ दिन बोफोर्स के मामले पर आपने कार्यवाही नहीं चलने दी। १४ दिन जे.पी. के नवनिर्माण पर आपने सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी और १२ दिन दूसरे मुद्दों को उठाकर आपने कार्यवाही नहीं चलने दी। सुखराम के मुद्दे पर आपने कार्यवाही नहीं चलने दी जिनका आपने स्वागत किया सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए। मैं सिर्फ याद दिला रहा हूं और मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हमारी तरफ से इर्रिस्पॉन्सिबल बिहेवियर कभी नहीं होगा, जब तक कोई बुनियादी बात न हो। …( व्यवधान)
श्री रघुनाथ झा (गोपालगंज) :अध्यक्ष महोदय, ज़रा सिंधिया जी से पूछिये कि बिहार में क्या हुआ? …( व्यवधान)
……..(Interruptions)
MR. SPEAKER: Shri Raghunath Jha, please take your seat.
… (Interruptions)
श्री माधवराव सिंधिया: मैं सिर्फ याद दिलाना चाहता हूं, और मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हमारे सदस्यों का इररिस्पांसिबल बिहेवियर कहीं नहीं होगा जब तक कोई बुनियादी बात न हो और खुराना जी को …( व्यवधान )
श्री श्रीप्रकाश जायसवाल: जब-जब बेनकाब होते हैं तो चिल्लाने लगते हैं …( व्यवधान )
MR. SPEAKER: Shri Raghunath Jha, please sit down. I have not allowed you. I have allowed Shri Madhavrao Scindia.
… (Interruptions)
श्री रघुनाथ झा : आप हमें अलाउ नहीं कर रहे हैं, हम लोग हाउस में किस काम के लिए आये हैं …( व्यवधान )
अध्यक्ष महोदय : प्लीज आप बैठ जाइये।I have not allowed you. This will not go on record.
(Interruptions) *
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*Not Recorded.
श्री माधवराव सिंधिया: मैं खुराना जी को यही कहना चाहता हूं कि जो आदतें आपकी बचपन में थीं, जिनका अभी आपने वर्णन किया है, वे हमारी आदतें नहीं थीं और हम धौंस और धमकी के साथ काम करने में विश्वास नहीं रखते हैं।
अध्यक्ष महोदय, मैं दो मुद्दे उठाना चाहता हूं। सर, अभी हाईजैक का जो वक्तव्य दिया गया, मैं बड़ी नम्रता के साथ आपके सामने प्रस्तुत करना चाहता हूं कि यह एक ऐसा इश्यू था जिससे पूरा देश प्रभावित हो गया था, देश क्या विदेश में भी सबका ध्यान इस ओर केन्द्रित था और हमारे मत में और बहुत भारी बहुमत में राष्ट्र में भी एक राय है कि इसे मिसहैंडल किया गया। अब इसके बारे में कुछ चर्चा होनी चाहिए। इसके लिए आप कुछ समय निकालिये और जो श्री जसवंत सिंह जी ने स्टेटमैंट नहीं दिया है, बड़े खेद की बात है, हम इस पर विशेष आपत्ति नहीं उठा रहे हैं, पर इससे संकेत मिलते हैं कि आप संसद की गरिमा और अपोजीशन को कोई रिस्पेक्ट और कर्टसी दिखाना चाहते हैं।
संसदीय कार्य मंत्री तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री (श्री प्रमोद महाजन): सात दिन श्री जसवंत सिंह जी यहां आकर बैठे। That was only to respect you. Today, he is in the Rajya Sabha. … (Interruptions)
श्री माधवराव सिंधिया: वह मुद्दा अलग था,मैंने बार-बार कहा, जब पार्लियामेन्ट्री अफेयर्स मनिस्टर इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, मैं सोचता हूं कि यह अनुचित है …( व्यवधान )यह बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है, आपको देश के सामने उदाहरण पेश करना है। …( व्यवधान )
SHRI PRAMOD MAHAJAN: For seven days, this was postponed. … (Interruptions)
श्री मुलायम सिंह यादव :सर, वह अंग्रेजी में बोल रहे हैं …( व्यवधान )
मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूरी (गढ़वाल) : डिप्टी लीडर होकर पिछले कई दिनों में आपने किस तरह का व्यवहार किया है ? …( व्यवधान )
श्री माधवराव सिंधिया: मैंने आपसे निवेदन किया कि हम कल भी वक्तव्य सुन लेंगे, परसों भी सुन लेंगे, क्योंकि मामला सात दिन से चला है, पर आपने इस बात को नकार दिया। यह बड़ी रिग्रेटेबल बात है, गवर्नमैंट की ओर से जो कुछ हुआ है, इसलिए सर, इस पर कुछ न कुछ समय निकालकर चर्चा होनी चाहिए। सर, हमारे जो साथीगण विपक्षी बैंचिज पर हैं और हम सब लोग, जिस तरह का एक कांस्टीटयूशनल मामला, संवैधानिक मामला है, मैं गवर्नर की बात नहीं कर रहा हूं, मैं संवैधानिक बात कर रहा हूं, जिस तरह से संवैधानिक घटनाएं बिहार में घटीं, उनसे पूरे देश में भारी असंतोष है। प्रत्येक एडीटोरियल ने, प्रत्येक समाचार पत्र ने, इंटेलीजेंसिया ने और गरीब से गरीब आदमी ने इसकी आलोचना की है। अत: थोड़ा समय निकालकर इस पर चर्चा होनी चाहिए।
सर, आखिरी बात मैं उठाना चाहता हूं कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जो गेहूं, चावल और शक्कर आदि के भाव बढ़ाये गये हैं, वह पूरी तरह से इतना भारी बोझ गरीब आदमी पर डाला गया है। इसलिए कांग्रेस ने तय किया है कि संसद के बाहर और संसद के अंदर जिस तरह का अनएक्सैप्टेबल बर्डन गरीब, बिलो दि पावर्टी लाइन के व्यक्तियों पर बढ़ाया गया है, वह हमें स्वीकार नहीं है, हम इसका विरोध करेंगे, घोर विरोध करेंगे। इसलिए हमारा निवेदन है कि इस पर भी चर्चा होनी चाहिए। …( व्यवधान )
DR. VIJAY KUMAR MALHOTRA (SOUTH DELHI): Sir, I also want to speak on this. … (Interruptions)