Title: Need to ensure that recognition of medical college of Rewa (Madhya Pradesh) is not withdrawn by Medical Council of India.
श्री चन्द्रमणि त्रिपाठी (रीवा): महोदय, श्यामशाह चकित्सा महाविद्यालय रीवा (म.प्र.) की मान्यता को खत्म करने का अल्टीमेटम मेडीकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने गत वर्ष दिया है कयोंकि यहां पर्याप्त स्टाफ और आवश्यक मेडीकल उपचार के संयंत्र नहीं हैं। इस पुराने महाविद्यालय में पदस्थ प्रोफेसर और रीडर या तो त्यागपत्र दे चुके हैं या फिर लम्बी छुट्टी पर हैं। आधे से अधिक यहां से स्थानांतरण के प्रयास में संलग्न हैं। मेडीसिन सर्जरी, एनाटामी, पेथोलाजी, एनस्थीसिया, आथर्ोपेडिक, फजियोलाजी जैसे डिपार्टमैंट बिल्कुल प्रोफेसर और व्याख्याताविहीन हैं। मेडीसन विभाग में ई.सी.जी. की मशीन तक नहीं है। जो है, वह बिगड़ी हुई है। विगत सालभर में एक भी बड़े आपरेशन नहीं हुए। छात्रों और शिक्षकों की हड़ताल और विशेष आग्रह पर अभी तक मान्यता रद्द तो नहीं हुई लेकिन जिन कारणों से मान्यता रद्द करने का अल्टीमेटम मेडीकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने दिया था उसकी राज्य शासन ने अभी तक पूर्ित नहीं की। राज्य शासन ने न तो अभी तक विभागाध्यक्षों, रीडरों और वायाख्याताओं के रिकत पदों की पूर्ित की ओर न आवश्यक उपकरणों की ही व्यवस्था की। इससे मेडीकल कौंसिल ऑफ इंडिया ने पुन: अल्टीमेटम दिया है कि वह मेडीकल कालेज रीवा की मान्यता इस वर्ष समाप्त कर देगी। रीवा संभाग का मुख्यालय है और पूर्व में विन्ध्य की राजधानी रहा है। अस्तु केन्द्र सरकार से पुरजोर आग्रह है कि वह राज्य शासन को स्पष्ट निर्देश प्रदान करे और वहां स्टाफ और उपकरण की कमी की पूर्ित कराकर मेडीकल कालेज रीवा (म.प्र.) की मान्यता के समाप्त होने के समय रहते बचाए।