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Title: Need to protect the interests of tribals living in forests of Gujarat.
श्री मनसुखभाई डी. वसावा (भरूच) : पूरे गुजरात में केन्द्र सरकार के आदेश से आदिवासी लोगों को जंगलों से हटाया जा रहा है। ये आदिवासी लोग अपने पूर्वजों के समय से इन जंगलों में रहते आये हैं और अपने परिवार का लालन-पालन जंगल में पैदा होने वाली फसलों एवं अन्य चीजों के माध्यम से करते आ रहे हैं। जंगल एवं आदिवासी एक दूसरे के पर्यायवाची हैं और इन जंगलों में जो आदिवासी लोग रहते हैं वे बेहद गरीब, अनपढ़ एवं अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति के वर्ग से हैं१ सरकार उनके विकास के स्थान पर उनको जंगलों से निकालकर न जाने कौन सा कल्याणकारी कार्य करना चाहती है। इन आदिवासी लोगों से जंगल बरबाद नहीं होते हैं, बल्कि आबाद होते हैं क्योंकि आदिवासी लोग जंगल को अपना देवता मानते हैं।
मेरा सदन के माध्यम से सरकार से अनुरोध है कि जंगलों में रहने वाले लोगों को जिस घर में वे रहते हैं और जिन खेतों को वे बोते हैं उनके नाम किया जाये। इसके लिए कोई संशोधन और कानून बनाये जाने की आवश्यकता हो तो उसे तुरन्त बनाया जाये।