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Title: Need to provide 50% royalty to the State Government on Oil and Gas produced from the State.
श्री श्रीचन्द कृपलानी (चित्तौड़गढ़) : पश्चिमी राजस्थान एक मरूस्थलीय भूभाग है, जहां आधारभूत सुविधाओं की कमी है, किंतु खनिज सम्पदाओं से सम्पन्न है१ विशेष रूप से पेट्रोलियम की अच्छी संभावनायें हैं। यह बाड़मेर- सांचोर बेसिन में तेल की खोज एवं जैसलमेर जिले में गैस की खोज से सिद्ध होता है। पेट्रोलियम एवं गैस के खनन से स्थानीय निवासी प्रभावित होते हैं। भारत सरकार को राज्य के इन पेट्रोलियम संसाधनों से लाभ राशि प्राप्त होती है। क्योंकि पेट्रोलियम के भण्डार राज्यों में स्थित है और स्थानीय निवासियों के विकास एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु राज्य सरकार को भी लाभ राशि में से हिस्सा राशि मिलनी चाहिए। अत: राज्यों से उत्पादित होने वाले पेट्रोलियम से प्राप्त लाभ राशि का ५० प्रतिशत राज्य सरकार को दिया जावे तथा १२वें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशें भारत सरकार को प्रस्तुत कर दी हैं तथा राजस्थान सरकार ने ब्लाक आबंटन नोमेनेशन/ज्वाइंट वेंचर/ या एनइएलपी हिस्सेदारी का दावा पेश किया है।
अत: मेरा केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि १२वें वित्त आयोग की सिफारिशों का अनुमोदन ज्वाइंट वेन्चर ब्लाकों, नोमिनेशन ब्लाकों को सम्मिलित करते हुए राज्य सरकारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाये।