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Title : Need to provide financial assistance for solving the drinking water problem in district Mathura, Uttar Pradesh.
कुँवर मानवेन्द्र सिंह (मथुरा) : महोदय, उत्तर प्रदेश के जनपद मथुरा में आजादी के ५९ सालों बाद भी पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीण अंचलों में आज भी महिलायें तीन से चार किलोमीटर दूर से पीने का पानी सिर पर रखकर लाती हैं। स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी ने वर्ष १९८४ में इस समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से पेयजल योजना को प्रारंभ किया था परन्तु पेयजल आपूर्ति हेतु उत्तरदायी जल निगम की स्थिति आज इतनी दयनीय है कि इनके पास अपने कर्मचारियों को देने के लिए समय से नियमित वेतन भी नहीं है। इस विभाग द्वारा तीन या चार ग्रामों की पेयजल आपूर्ति हेतु पानी की टंकियां बनायी गयी थी किंतु आज विभाग द्वारा संचालित ९० प्रतिशत टंकिया क्षतिग्रस्त अथवा अनुपयोगी हैं जिनसे पेयजल आपूर्ति नहीं की जा रही है। भीषण गर्मी में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेगी। मेरे जनपद में हर साल करोड़ों तीर्थयात्री/पर्यटक आते हैं तथा इस समस्या के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। माननीय महामहिम राष्ट्रपति व माननीय प्रधान मंत्री जी ने भी इस समस्या पर अपनी चिंता प्रकट की है। माननीय ग्रामीण विकास मंत्री जी ने अवगत कराया है कि उ०प्र० में पेयजल समस्या के समाधान हेतु राज्य सरकार को १०० करोड रूपया दिया गया है। मैंने अपने जनपद में पेयजल समस्या के समाधान हेतु उ०प्र० सरकार व निदेशक जल निगम को अनेकों पत्र लिखे किंतु कोइ प्रभावी कार्यवाही नहीं हुयी।
अत: मेरा अनुरोध है कि मेरे जनपद की इस मूलभूत आवश्यकता की पूर्ति हेतु उ०प्र० सरकार को उचित व प्रभावी निर्देश प्रदान करें तथा इस गंभीर समस्या के त्वरित समाधान हेतु केन्द्र सरकार से अतरिक्त सहायता राशि दिये जाने की मांग भी मैं आपके माध्यम से करता हूं।