Title: Regarding escaping of two Lashkar terrorists from Lucknow District Court.
श्री संतोष गंगवार (बरेली): सभापति महोदय, मैं बहुत ही महत्वपूर्ण विषय की ओर सरकार का ध्यान आपके माध्यम से आकर्षित करना चाहता हूं। देश में आतंकवादी घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। लखनऊ का एक समाचार है कि वहां जिला कचहरी में, दो ऐसे आतंकवादी, जिन पर पोटा लगा हुआ है और पाकिस्तान के निवासी है तथा उनमें से एक को फांसी की सजा हुई थी, उन्हें लखनऊ की अदालत में भेजा गया था। वहां वे शौचालय के बहाने गए और बंदूक ले आए। उसके बाद बंदूक लहराते हुए पुलिस की अभिरक्षा से भाग गए। इसमें एक आतंकवादी का नाम सईद उर्फ निसार अहमद और दूसरे का नाम मकसूद उर्फ अशफाक है। ये दोनों पाकिस्तान के रहने वाले थे। इनमें से एक को अगस्त २००४ में अदालत ने मृत्युदंड की सजा भी सुना दी थी। इसके बाद भी केवल एक सब इंसपेक्टर और दो सिपाही के साथ बिलकुल सामान्य तरीके से अदालत में लाया गया। जिस प्रकार से वे भागे, कचहरी में मौजूद लोगों का मानना है कि जिस प्रकार से इन गंभीर अपराधियों को रखना चाहिए था, उस अभिरक्षा में नहीं ले जाया गया और वे पुलिस अभिरक्षा के बावजूद भागने में सफल हो गए। मैं चाहता हूं कि सरकार गंभीरता से इस मामले की जांच करे कि किस वजह से वे भागने में सफल हुए और इस संदर्भ में क्या कार्यवाही की गई है?