श्री राम कृपाल यादव (पटना) : जी हाँ, अध्यक्ष महोदय, मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान अपने संसदीय क्षेत्र पटना में कुम्हरार के पास चार-पांच महत्वपूर्ण कालोनियों – न्यू कुम्हरार, नया टोला, शिवाजी कालोनी, टीचर्स कालोनी, चाणक्य कालोनी, की ओर दिलाना चाहता हूं । जहां लगभग एक लाख आबादी रहती है और लगभग डेढ़ हजार मकान हैं । अभी हाल में पुरातत्व विभाग के माध्यम से यह कहा जा रहा है
कि इन कालोनियों की वजह से पुरातत्व विभाग का अवस्थित कुम्हरार का जो अवशेष है, वह प्रदूषित हो रहा है । इसके लिए एक आदेश पारित किया गया है कि कुम्हरार के अगल-बगल के तीन सौ मीटर के इलाके में सरकार द्वारा बसे हुए लोगों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है । वहां के लोगों की दशा काफी चिंतनीय और दयनीय है । वहां हड़कंप मचा हुआ है । लोग काफी परेशान हो रहे हैं ।
अध्यक्ष महोदय, करीब २५-३० वर्षों से ये कालोनियां बसी हैं । मैं समझता हूं कि वहां गरीब तबके के लोग हैं जिनके पास अपनी जगह भी नहीं है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए हुए सरकार के माध्यम से अगर ये कालोनियां हटा दी जाएंगी, तो लोगों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा । लोग आक्रोशित हैं । आंदोलन हो रहा है, इसलिए मैं मानव संसाधन मंत्री से निवेदन करता हूं कि पुरातत्व विभाग को निर्देश दे कि वह ऐसा न करे । अगर इन कालोनियों के माध्यम से प्रदूषण फैला होता, तो सैंकड़ों वर्षों से गांव और मकान हैं, वे भी प्रदूषित होते । यह साजिश करके जान-बूझ कर गरीब लोगों को उजाड़ने का काम किया जा रहा है । मेरा निवेदन है कि वहां के लोगों की स्थिति पर मंत्री महोदय ध्यान दें, ताकि वहां के लोग बेघर न हों । वहां डेढ़ हजार मकान और सैकड़ों झौपड़ियां हैं । मैं समझता हूं कि उन लोगों को भारी संकट का सामना करना पड़ेगा । उनके पास रहने के लिए दूसरी जगह कहीं भी नहीं है । माननीय मंत्री जी इस पर विचार करें और आदेश दें कि कोई भी व्यक्ति वहां से उजड़ न पाए तथा गरीब जीविका उपार्जन करने के लिए काम कर सकें । धन्यवाद
MR. SPEAKER: Shri Malhotra, your matter relates to some other country.