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Title : Regarding damage caused to the crops due to early change of weather in the Country.
चौधरी विजेन्द्र सिंह (अलीगढ़) : उपाध्यक्ष महोदय, आपने मुझे बहुत महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का मौका दिया, इसके लिए मैं आपका शुक्रिया अदा करता हूं। यह देश, कृषि प्रधान देश है। इस देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। देश के ८० प्रतिशत लोग कृषि पर निर्भर हैं। मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान देश के मानसून की तरफ आकर्षित करना चाहता हूं। अब कृषि में रबी की फसल का समय है और टैम्परेचर इतना हाई हो गया है जिससे रबी की फसल पर बहुत कुप्रभाव पड़ रहा है।
महोदय, कृषि वैज्ञानिकों ने विचार व्यक्त किया है कि अधिक टैम्परेचर होने से कृषि के उत्पादन पर बहुत ही प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे देश में पैदा होने वाले करोड़ों टन खाद्यान्न पर प्रश्न-चिहन लग गया है। देश में एक तरफ गर्मी बढ़ रही है और दूसरी तरफ बिजली की उपलब्धता में कमी के कारण किसानों की दुर्दशा हो रही है। बिजली नहीं मिलने से वे बहुत परेशान हैं। पूरे देश में बिजली की कमी के कारण किसानों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। …( व्यवधान)
उपाध्यक्ष महोदय : चौधरी विजेन्द्र सिंह जी, आप अपनी बात जारी रखें।
चौधरी विजेन्द्र सिंह : उपाध्यक्ष महोदय, मैं बता रहा था कि इस वर्ष फरवरी के महीने में ही टैम्परेचर इतना हाई हो गया है, जिससे किसानों की रबी की फसल बहुत प्रभावित होने वाली है। इसका सबसे ज्यादा असर गेहूं की फसल पर पड़ेगा।
महोदय, एक तरफ हमारे प्रधान मंत्री जी, हमारी यू.पी.ए. की चेयरपर्सन, श्रीमती सोनिया गांधी जी, हमारे देश के कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए, कृषकों के जीवन-स्तर को सुधारने के लिए बजट बढ़ाने की बात कर रहे हैं और कृषि क्षेत्र में अधिक से अधिक पैसा देने पर जोर दे रहे हैं, ताकि कृषकों की क्षमता बढ़ सके, लेकिन टैम्परेचर की मार और महंगाई के कारण कृषि की उत्पादन क्षमता नहीं बढ़ रही है और न ही कृषकों की स्थिति सुधर रही है जिसके कारण हमारे खाद्यान्न उत्पादन पर संकट के बादल गहरा रहे हैं और किसान आर्थिक तंगी के कारण अपने को बहुत असहाय महसूस कर रहे हैं॥
दैवी आपदाओं के कारण ही आज टैम्परेचर की यह स्थिति हुई है।
मैं आपके माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि इन परिस्थितियों में कोई इस तरह की योजना लायें या प्रदेश सरकार को निर्देशित करें, जिससे अधिक से अधिक बिजली की आपूर्ति होे, जिसके कारण टैम्परेचर में जो बढ़ोत्तरी हुई है, कृषि को इससे राहत मिल सके और कृषि उत्पादन का जो हमारा लक्ष्य निर्धारित किया गया है, वहां तक हम पहुंच सके, अन्यथा किसान बर्बाद होगा। अगर उत्पादन कम होगा तो राष्ट्र की क्षति होगी और राष्ट्र की यह क्षति आने वाले समय में संकट पैदा कर सकती है, किसानों को बर्बाद कर सकती है और देश की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
इन्हीं शब्दों के साथ मैं पुन: आपको धन्यवाद देना चाहता हूं कि आपने मुझे इस बहुत ही महत्वपूर्ण विषय पर बोलने का मौका दिया।
कुँवर मानवेन्द्र सिंह (मथुरा) : उपाध्यक्ष महोदय, मैं भी अपने आपको इससे जोड़ता हूं।
SHRIMATI TEJASWINI SEERAMESH (KANAKPURA): I would like to associate with the hon. Member, Sir.